देवघर: AIIMS देवघर में 25 और 26 सितंबर 2026 को राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (NLEP), देवघर और AIIMS देवघर के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय कुष्ठ रोग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें गिरिडीह सहित झारखंड के विभिन्न जिलों से आए लैब टेक्नीशियनों ने भाग लिया।
प्रशिक्षण के दौरान चिकित्सकों और विशेषज्ञों ने कुष्ठ रोग की पहचान, प्रयोगशाला जांच की प्रक्रिया, नमूनों की सही जांच, स्लिट स्किन स्मियर (Slit Skin Smear) तकनीक, एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) और जांच परिणामों की सही रिपोर्टिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी।
समय पर जांच और पहचान पर जोर
प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्यकर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ कुष्ठ रोग की समय पर पहचान और मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता को मजबूत करना रहा। प्रशिक्षण में बताया गया कि कुष्ठ रोग उपचार योग्य बीमारी है और समय पर पहचान व उपचार से इससे जुड़ी जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
प्रशिक्षण में शामिल लैब टेक्नीशियन नवीन कुमार शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी जानकारी का उपयोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC), बिरनी, गिरिडीह में प्रयोगशाला सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा।
दो दिवसीय प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। नवीन कुमार शर्मा ने AIIMS देवघर, NLEP देवघर और प्रशिक्षण से जुड़े चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों के प्रति आभार जताया।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से जरूरतमंद मरीजों को सही जांच और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में योगदान देना उनका उद्देश्य है। साथ ही कुष्ठ रोग को लेकर फैली भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने के लिए जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
















