कुमाडुबी: प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चयनित कुमाडुबी रेलवे स्टेशन का विकास कार्य निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। योजना के तहत स्टेशन के चयन के समय क्षेत्र में काफी उत्साह था और इसे स्थानीय विकास की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना गया था। लेकिन लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी परियोजना का केवल 58 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो सका है।
स्टेशन के विकास कार्य में लगातार हो रही देरी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लंबे समय से विकास कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे यात्रियों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
इस संबंध में धनबाद सांसद प्रतिनिधि डब्लू बावरी ने स्वीकार किया कि कार्य की प्रगति उम्मीद के अनुरूप नहीं है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार आसनसोल मंडल के रेलवे अधिकारियों से चर्चा की गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार अब तक लगभग 58 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है।
उन्होंने बताया कि परियोजना में देरी का मुख्य कारण ठेकेदार और रेलवे के बीच कुछ तकनीकी एवं प्रशासनिक विवाद हैं। सांसद प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि वह जल्द ही इस मामले में पुनः डीआरएम से मुलाकात कर विकास कार्य में तेजी लाने का प्रयास करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर विकास कार्य की गति दिखाई देनी चाहिए। ऐसे में सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में रेलवे प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इस परियोजना को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती हैं।














