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बेलगड़िया में सरकारी आवासों की हालत पर सवाल, पांच साल में ही जर्जर होने के आरोप

JP Bharat Shareधनबाद: अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया गया था। लेकिन अब यहां कई आवासों में छज्जे और प्लास्टर गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों ने भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्रशासन से जांच की…

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धनबाद: अग्नि प्रभावित क्षेत्रों से विस्थापित परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बेलगड़िया टाउनशिप में बसाया गया था। लेकिन अब यहां कई आवासों में छज्जे और प्लास्टर गिरने की घटनाओं को लेकर स्थानीय लोगों में चिंता है। लोगों ने भवनों की गुणवत्ता और सुरक्षा को लेकर प्रशासन से जांच की मांग की है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, टाउनशिप में समय-समय पर भवनों की स्थिति और निर्माण गुणवत्ता को लेकर निरीक्षण व बैठकें होती रही हैं। इसके बावजूद आवासों में टूट-फूट और प्लास्टर गिरने जैसी घटनाएं सामने आने से निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग

स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों के निरीक्षण और आश्वासन के बावजूद जमीनी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनका सवाल है कि यदि भवन निर्माण मानकों के अनुरूप हैं, तो इतने कम समय में छज्जे और प्लास्टर गिरने की घटनाएं क्यों हो रही हैं।

लोगों ने मांग की है कि बेलगड़िया टाउनशिप के आवासों की स्वतंत्र और तकनीकी विशेषज्ञों से जांच कराई जाए। साथ ही निर्माण में किसी तरह की खामी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित एजेंसी, ठेकेदार या जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, जांच केवल घटनाओं के बाद मरम्मत तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि भवनों की वास्तविक सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाना चाहिए। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कदम उठाने की भी मांग की गई है।

बेलगड़िया में रह रहे विस्थापित परिवारों के लिए आवास की सुरक्षा सबसे अहम मुद्दा है। अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर है कि प्रशासन इन शिकायतों पर तकनीकी जांच कराता है या नहीं।


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