भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान को देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस गाइडलाइन की सबसे अहम कड़ी है ‘वाटर बेल’ व्यवस्था, जिसके तहत अब हर एक घंटे पर स्कूलों में घंटी बजेगी ताकि सभी छात्र अनिवार्य रूप से पानी पी सकें और डिहाइड्रेशन से बच सकें।
प्रशासन ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि पीने के पानी के लिए मिट्टी के घड़े या अन्य पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही बच्चों को तेज धूप में होने वाली बाहरी गतिविधियों से दूर रखने और प्रार्थना सभा को खुले मैदान की बजाय कक्षा के अंदर आयोजित करने को कहा गया है।
छात्रों को राहत देने के लिए ड्रेस कोड में भी अस्थायी बदलाव किया गया है। अब हल्के सूती कपड़े पहनने की अनुमति दी गई है और टाई व ब्लेजर की अनिवार्यता को फिलहाल समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा बच्चों को सिर ढंककर आने की सलाह दी गई है।
मिड-डे मील की स्वच्छता, फर्स्ट एड किट की उपलब्धता और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन ने साफ कहा है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
















