केंदुआ क्षेत्र में एक बार फिर गैस रिसाव की समस्या गंभीर रूप लेती दिख रही है। गुरुवार को भूधंसान के कारण पुराने महाप्रबंधक आवास की चारदीवारी अचानक ढह गई। इसके साथ ही जमीन से जहरीली गैस का रिसाव शुरू हो गया, जिससे आसपास के इलाकों में भय का माहौल बन गया है।
भूधंसान के बाद बढ़ा खतरा
धनबाद-बोकारो-रांची मार्ग के पास हुए धंसान के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। दीवार गिरने के साथ ही वहां से लगातार कार्बन मोनोऑक्साइड गैस निकलने लगी है। बताया जा रहा है कि गैस का स्तर काफी खतरनाक (करीब 2047 PPM) तक पहुंच गया है।
आसपास के घरों में दरारें
घटना का असर आसपास के मकानों पर भी पड़ा है। पास के एक घर में दरारें आ गई हैं और वहां भी गैस रिसाव की सूचना मिल रही है। इससे स्थानीय लोगों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ गई है।
28 घंटे बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं
घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद प्रशासन और बीसीसीएल प्रबंधन की ओर से इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। फिलहाल सिर्फ सर्वे कर लोगों को हटाने की प्रक्रिया चल रही है।
नाइट्रोजन भराई का काम बंद
जानकारी के मुताबिक, जमीन के अंदर गैस के प्रभाव को कम करने के लिए जो नाइट्रोजन गैस डाली जा रही थी, वह काम भी बुधवार से बंद कर दिया गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अधिकारी मौके पर, राहत की तैयारी
गैस रिसाव की सूचना मिलते ही बीसीसीएल के महाप्रबंधक जीसी साहा अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं खान सुरक्षा महानिदेशालय (DGMS) और अन्य एजेंसियों की टीमें भी स्थिति का जायजा ले रही हैं। भूधंसान को रोकने के लिए मिट्टी और बालू भराई की तैयारी की जा रही है।
नगर निगम में आपात बैठक
केंदुआ की स्थिति को लेकर धनबाद नगर निगम में बैठक आयोजित की गई है। इसमें जिला प्रशासन, जेआरडीए और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हैं, जहां लोगों की सुरक्षा और गैस रिसाव रोकने के उपायों पर चर्चा हो रही है।
निष्कर्ष
केंदुआ में लगातार हो रहे भूधंसान और गैस रिसाव ने इलाके को बेहद संवेदनशील बना दिया है। यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह समस्या और बड़ा खतरा बन सकती है।
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