धनबाद : धनबाद उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और सुचारु संचालन को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए 43 कर्मियों का विभिन्न विभागों में स्थानांतरण किया है। इनमें 34 निम्न वर्गीय लिपिक, एक कार्यालय अधीक्षक, पांच प्रधान लिपिक और तीन उच्च वर्गीय लिपिक शामिल हैं।
उपायुक्त ने बताया कि मुख्य सचिव, झारखंड के निर्देशानुसार तथा प्रशासनिक आवश्यकता को देखते हुए तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों को दूसरे विभागों में स्थानांतरित किया गया है।
डीसी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन लिपिकों और प्रधान लिपिकों के पास विपत्र कार्य का प्रभार है और जिनका स्थानांतरण नहीं हुआ है, वे भी तत्काल अपना प्रभार अन्य कर्मियों को सौंपें। साथ ही संविदा या एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को किसी भी स्थिति में वित्तीय कार्य का दायित्व नहीं देने का निर्देश जारी किया गया है।
इसके अलावा सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को अपने डिजिटल सिग्नेचर और ओटीपी किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई है।
उपायुक्त ने संबंधित विभागीय प्रभारियों को 25 मई 2026 तक स्थानांतरित कर्मियों को विरमित करने का निर्देश दिया है। आदेश में कहा गया है कि यदि तय समय तक विरमित नहीं किया गया, तो 26 मई से संबंधित कर्मी स्वतः विरमित माने जाएंगे। सभी स्थानांतरित कर्मियों को 26 मई को नए पदस्थापन कार्यालय में योगदान देना होगा।
आदेश के अनुसार मई माह का वेतन नए कार्यालय से ही निकाला जाएगा।
स्थानांतरण आदेश के तहत जिला राजस्व शाखा, जिला पंचायत कार्यालय, जिला आपूर्ति शाखा, अनुमंडल कार्यालय, विधि व्यवस्था कोषांग, जिला अभिलेखागार सहित विभिन्न शाखाओं के कर्मियों का विभागीय फेरबदल किया गया है। वहीं जिला स्थापना शाखा, सामान्य शाखा, भूमि सुधार कार्यालय, जन शिकायत कोषांग, पंचायत कार्यालय तथा धनबाद, निरसा, गोविंदपुर, टुंडी, झरिया, बलियापुर, बाघमारा और अन्य प्रखंड एवं अंचल कार्यालयों में कार्यरत 34 निम्न वर्गीय लिपिकों का भी अन्य कार्यालयों में स्थानांतरण किया गया है।
















