देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने लक्ष्मी चौक, शिवगंगा और आसपास के क्षेत्रों में सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान मिलावटी खाद्य पदार्थों और अस्वच्छ परिस्थितियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 68.5 किलो मिलावटी पेड़ा और 11 किलो छोला नष्ट कराया गया।
जांच के दौरान रितेश कुमार के प्रतिष्ठान में मेटानिल येलो की मौजूदगी पाए जाने पर 8 किलो छोला नष्ट कराया गया। वहीं विशाल चाट बर्गर से 2 लीटर चटनी तथा अजीत कुमार के यहां से स्टार्च युक्त 6 किलो पेड़ा नष्ट कराया गया।
इसके अलावा शिवम पेड़ा भंडार से 10 किलो, धीरज कुमार के महादेव पेड़ा भंडार से 21 किलो, बाबा पेड़ा भंडार से 10 किलो, शिवम कुमार के महादेव पेड़ा से 9 किलो, पंकज पोद्दार के यहां से 10.5 किलो और गंगा साह पेड़ा भंडार से 2 किलो मिलावटी पेड़ा नष्ट कराया गया। प्रिया चाट से 3 किलो छोला भी नष्ट कराया गया।
कई प्रतिष्ठानों की हुई जांच
अभियान के दौरान महावीर पेड़ा भंडार से पेड़ा और खोया के दो नमूने जांच के लिए लिए गए। संचालक को खोया के उचित भंडारण तथा खाद्य सामग्री को दीवार से कम से कम 12 इंच की दूरी पर रखने का निर्देश दिया गया।
इसके अलावा गोकुल पेड़ा भंडार, शिव पेड़ा भंडार, गणेश मारवाड़ी भोजनालय, वैशाली होटल, मां गंगा पवित्र भोजनालय और श्री विनायक पैलेस की भी जांच की गई। वैशाली होटल के संचालक को FSSAI लाइसेंस में आवश्यक संशोधन कराने का निर्देश दिया गया।
बिना लाइसेंस चल रही इलायची फैक्ट्री पर कार्रवाई
जांच के दौरान संजीव बलियासे की इलायची फैक्ट्री में अत्यधिक गंदगी और वैध FSSAI लाइसेंस के बिना संचालन पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने तत्काल फैक्ट्री का काम बंद करने का निर्देश दिया।
फैक्ट्री संचालक को एग्जॉस्ट सिस्टम लगाने, परिसर में साफ-सफाई रखने, खाद्य सामग्री का उचित तरीके से भंडारण करने और वैध FSSAI लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही दोबारा संचालन शुरू करने को कहा गया।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया कि श्रावणी मेला 2026 के दौरान मिलावट, अस्वच्छता और बिना वैध लाइसेंस खाद्य कारोबार करने वालों के खिलाफ जांच एवं कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग का उद्देश्य मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।
















