धनबाद, 21 मई 2026 : Indian Institute of Technology (Indian School of Mines) Dhanbad की पूर्व छात्रा देवेशी सिंह ने पैनआईआईटी बैंगलोर समिट 2026 के तहत आयोजित “AI for Bharat 2 Hackathon” में थीम विनर बनकर संस्थान का नाम रोशन किया है। देवेशी ने वर्ष 2025 में इंजीनियरिंग फिजिक्स में बीटेक की पढ़ाई पूरी की थी।
देवेशी सिंह ने अकेले प्रतिभागी के रूप में “IndicAI” नामक एक एआई आधारित प्लेटफॉर्म विकसित किया। यह प्लेटफॉर्म ऐसे नए कैटेलिस्ट खोजने में मदद करता है, जिनकी सहायता से कार्बन डाइऑक्साइड को मेथेनॉल में बदला जा सके। इस तकनीक को स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, कार्बन उत्सर्जन कम करने और कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी देते हुए देवेशी सिंह ने कहा कि यह पहल भारत में बढ़ते कचरे और कार्बन उत्सर्जन की चुनौती से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि भारत में हर साल करीब 20 करोड़ टन घरेलू कचरा निकलता है और इससे जुड़े स्रोतों से लगभग 3 अरब टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन होता है।
उन्होंने कहा कि उनका प्रोटोटाइप CO₂-टू-मेथेनॉल कन्वर्जन के लिए नए कैटेलिस्ट तैयार करता है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और कम उत्सर्जन के लक्ष्य को मजबूती मिल सकती है।
देवेशी ने बताया कि इस प्लेटफॉर्म में Variational Autoencoders जैसे एडवांस एआई मॉडल का उपयोग किया गया है, जो केमिकल स्ट्रक्चर को समझकर बेहतर कैटेलिस्ट सुझाते हैं। यह तकनीक भविष्य में अन्य औद्योगिक रिएक्शन और बायोडिग्रेडेबल कचरा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी उपयोगी साबित हो सकती है।
पैनआईआईटी एलुमनी इंडिया के चेयरमैन प्रभात कुमार (IRS) ने कहा कि यह हैकाथॉन वास्तविक समस्याओं पर काम करने वाले युवा इनोवेटर्स को मंच देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
वहीं पैनआईआईटी एलुमनी इंडिया के महासचिव और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पूर्व छात्र अशोक कुमार ने कहा कि देवेशी की उपलब्धि छात्र प्रतिभा और संस्थान में मजबूत नवाचार संस्कृति का प्रतीक है।
कर्नाटक सरकार के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 16 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि पैनआईआईटी बैंगलोर समिट में 2 हजार से अधिक प्रतिनिधि, स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक और नीति निर्माता शामिल हुए
















