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dhanbad धनबाद की बेटी ने पेरिस फैशन वीक में बिखेरा जलवा, ‘काली धरती’ थीम से जीता दुनिया का दिल

JP Bharat Shareधनबाद : भूली की रहने वाली युवा फैशन डिजाइनर Kanchan Singh ने पेरिस फैशन वीक में ‘काली धरती’ थीम पर आधारित अपने अनूठे परिधान से अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की पहचान को नई ऊंचाई दी है। कोयला खदानों में रहने वाले लोगों की पीड़ा, विस्थापन और पर्यावरणीय संकट को अपने डिजाइन के जरिए…

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धनबाद : भूली की रहने वाली युवा फैशन डिजाइनर Kanchan Singh ने पेरिस फैशन वीक में ‘काली धरती’ थीम पर आधारित अपने अनूठे परिधान से अंतरराष्ट्रीय मंच पर झारखंड की पहचान को नई ऊंचाई दी है। कोयला खदानों में रहने वाले लोगों की पीड़ा, विस्थापन और पर्यावरणीय संकट को अपने डिजाइन के जरिए दुनिया के सामने रखकर कंचन ने न केवल धनबाद बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है।

देशभर से चयनित 20 डिजाइनरों में कंचन झारखंड की इकलौती डिजाइनर रहीं, जिनके परिधान ने पेरिस फैशन वीक में अपनी खास पहचान बनाई।

कंचन ने बताया कि फैशन डिजाइनिंग की शुरुआत उन्होंने नौवीं कक्षा से की थी। घर में मां के सिलाई मशीन लाने के बाद उन्होंने पुरानी साड़ियों से छोटे-छोटे डिजाइन तैयार करना शुरू किया। धीरे-धीरे यही शौक उनके सपनों का रास्ता बन गया।

उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा Mount Litera Zee School से पूरी की और फिर SSLNT Mahila College से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक किया। बाद में उनका चयन मुंबई की Atlas SkillTech University में हुआ, जहां उन्होंने फैशन डिजाइनिंग की पढ़ाई शुरू की।

फैशन डिजाइनिंग के अंतिम वर्ष में कंचन को पेरिस फैशन वीक में भाग लेने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा विषय चुनने को कहा गया था जो समाज को एक मजबूत संदेश दे सके। धनबाद और कोयलांचल में पली-बढ़ी कंचन ने कोयला खदानों के आसपास लोगों के संघर्ष और प्रदूषण को करीब से देखा था। इसी अनुभव ने उन्हें ‘काली धरती’ थीम चुनने की प्रेरणा दी।

करीब दो महीने की मेहनत से तैयार इस परिधान में वायर, ट्रैक सामग्री और एल्यूमिनियम वायर का इस्तेमाल किया गया। वीविंग तकनीक और 3डी प्रिंटिंग के जरिए ट्रकों के टायर के निशान, मजदूरों की टोकरी और कोयले जैसी बनावट को उकेरा गया, जो कोयलांचल के संघर्षपूर्ण जीवन को दर्शाता है।

कंचन का कहना है कि सरकार को कोयला खदानों के आसपास रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए ताकि विकास के नाम पर लोगों को विस्थापन का दर्द न झेलना पड़े।

फिलहाल कंचन नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं। उनका सपना है कि झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल की कला और संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले और यहां के युवा डिजाइनरों को वैश्विक मंच तक पहुंचने का अवसर मिले।

कंचन के पिता महेंद्र सिंह और माता झरना देवी ने बेटी की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि बचपन से ही वह पढ़ाई और डिजाइनिंग दोनों में बेहद सक्रिय रही है। आज पेरिस फैशन वीक में उसके डिजाइन का चयन होना पूरे परिवार के लिए गर्व का क्षण है।


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