धनबाद: भोजपुर निवासी भरत तिवारी की मौत को लेकर रविवार को धनबाद में सैकड़ों लोगों ने कैंडल मार्च निकालकर श्रद्धांजलि अर्पित की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। समाजसेवी राकेश दुबे के नेतृत्व में यह कैंडल मार्च मटकुरिया चेक पोस्ट से शुरू होकर बिरसा मुंडा चौक (बैंक मोड़) तक निकाला गया।
कैंडल मार्च में शामिल लोगों ने भरत तिवारी की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान उपस्थित बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अधिवक्ता राधेश्याम गोस्वामी ने आरोप लगाया कि भरत तिवारी का कथित फर्जी एनकाउंटर हुआ है। उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ हत्या (धारा 302) का मामला दर्ज करने की मांग की।
समाजसेवी दिलीप सिंह ने भरत तिवारी को शहीद का दर्जा देने और उनके परिजनों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि भरत तिवारी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत थे और उनके सकारात्मक विचारों का अनुसरण किया जाना चाहिए।
वहीं रतिलाल महतो ने घटना को एक साजिश बताते हुए पूरे मामले का जल्द खुलासा करने और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।
कैंडल मार्च में पप्पू सिंह, रतिलाल महतो, कुल्लू चौधरी, राकेश दुबे, सुभाष जायसवाल, नीरज पासवान, सुनील पासवान, अजय महतो, मन्नू रवानी, रोहित पासवान, अजित गिरी, अमित सेन, सनी यादव, विकास पासवान, राजबीर दुबे, चंदन मिश्रा, कृष्णा महतो, मनोज तुरी, अमित झा, कृष्णा पांडेय, धर्मेंद्र पासवान, प्रेम रवानी, उदय रवानी, आशीष कौल, सोमर महतो, विजय महतो सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
नोट: कैंडल मार्च के दौरान लगाए गए आरोप प्रदर्शनकारियों और वक्ताओं के बयान हैं। मामले की जांच संबंधित एजेंसियों द्वारा की जानी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एवं न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
















