धनबाद: कृषि क्षेत्र में तकनीक का नया अध्याय जोड़ते हुए आईआईटी के छात्रों ने प्याज उत्पादक किसानों के लिए एक स्मार्ट वेदर सेंसर और मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस नवाचार का उद्देश्य किसानों को मौसम की अनिश्चितताओं से बचाते हुए वैज्ञानिक तरीके से खेती करने में सहायता प्रदान करना है।
खेत में लगाए जाने वाले इस सेंसर के जरिए हवा की नमी, तापमान और मिट्टी की नमी (Soil Moisture) की लगातार निगरानी की जाएगी। एकत्रित सभी आंकड़े रियल-टाइम में सीधे किसान के स्मार्टफोन पर उपलब्ध होंगे, जिससे फसल की स्थिति पर हर समय नजर रखी जा सकेगी।
मोबाइल ऐप सेंसर से प्राप्त जानकारी के आधार पर किसानों को समय-समय पर अलर्ट भेजेगा कि फसल को कब और कितनी सिंचाई की आवश्यकता है। इससे पानी और बिजली की बचत होने के साथ-साथ अनावश्यक सिंचाई से भी बचा जा सकेगा। इसके अलावा मौसम में बदलाव के आधार पर फसल में फंगस या अन्य रोगों की संभावित आशंका की पहले से सूचना मिलेगी, जिससे किसान समय रहते उचित कदम उठा सकेंगे।
ऐप बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और अन्य प्रतिकूल मौसम की स्थिति को लेकर भी अग्रिम चेतावनी देगा, ताकि किसान अपनी तैयार फसल को सुरक्षित रख सकें और संभावित नुकसान को कम किया जा सके।
आईआईटी की छात्र टीम के अनुसार, यह ‘मेड इन इंडिया’ तकनीक कम लागत में विकसित की गई है और ऐप को क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराया गया है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसान भी इसका आसानी से उपयोग कर सकें। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नवाचार प्याज उत्पादक किसानों के लिए खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक आधारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
















