धनबाद: द्वारिका मेमोरियल फाउंडेशन एकेडमी, बिशुनपुर में नन्हे-मुन्ने बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक सोच और सीखने की प्रक्रिया को आनंददायक बनाने के उद्देश्य से बैगलेस डे का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नर्सरी, एलकेजी एवं यूकेजी के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न शैक्षणिक, रचनात्मक और व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान नर्सरी कक्षा के बच्चों ने सेल्फ इंट्रोडक्शन, शेप्स एवं फलों की पहचान तथा गुड टच और बैड टच जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। वहीं एलकेजी के विद्यार्थियों ने विलोम शब्द, स्वस्थ भोजन (Healthy Food) और येलो डे थीम पर आधारित गतिविधियों में भाग लेकर अपनी सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास का परिचय दिया। बच्चों की मासूम प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों और शिक्षकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर विद्यालय ने विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी आमंत्रित किया, जिन्होंने बच्चों की गतिविधियों को करीब से देखा और विद्यालय की इस अभिनव पहल की सराहना की। अभिभावकों ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विद्यालय के प्राचार्य मदन कुमार सिंह ने कहा कि बैगलेस डे का उद्देश्य बच्चों को पुस्तकों के बोझ से कुछ समय के लिए मुक्त कर उन्हें खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, संवाद कौशल और व्यावहारिक ज्ञान का विकास करती हैं।
विद्यालय की उप-प्राचार्या पुष्पा सिंह ने कहा कि खेल आधारित शिक्षा बच्चों के मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब बच्चे आनंद के साथ सीखते हैं तो उनकी सीखने की क्षमता और रुचि दोनों बढ़ती हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में एकेडमिक इंचार्ज सुबीमान दास, अनिता कुमारी, सुमन, स्राबोनी घोष, रंजना सिन्हा, पूजा कुमारी, सिंड्रेला दास, पुष्पा कुमारी एवं श्रावणी मुखर्जी सहित विद्यालय के सभी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी बच्चों के समग्र विकास के लिए इसी प्रकार के नवाचारपूर्ण शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।
















