धनबाद: रणधीर वर्मा स्टेडियम (गोल्फ ग्राउंड) को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में बच्चे और युवा सड़क पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने गोल्फ ग्राउंड से रणधीर वर्मा चौक तक पैदल मार्च निकाला और प्रस्तावित डिजनीलैंड मेले को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
मार्च में शामिल बच्चों और युवाओं के हाथों में मैदान को मेला मुक्त रखने और खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग से जुड़ी तख्तियां और पोस्टर नजर आए। खिलाड़ियों का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड धनबाद के प्रमुख खेल मैदानों में शामिल है, जहां नियमित रूप से क्रिकेट, फुटबॉल समेत कई खेलों का अभ्यास किया जाता है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मैदान में लंबे समय तक मेला या अन्य बड़े आयोजन होने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित होता है। उनका कहना है कि आयोजन की तैयारी, मेला अवधि और उसके बाद मैदान को दोबारा खेल के योग्य बनाने की प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है।
अन्य स्थान पर मेला लगाने की मांग
खेल प्रेमियों और युवाओं का कहना है कि गोल्फ ग्राउंड को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग को लेकर पहले भी प्रशासन, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया जा चुका है। प्रदर्शनकारियों ने सुझाव दिया कि यदि शहर में मेला लगाने के लिए अन्य उपयुक्त स्थान उपलब्ध हैं, तो वहां आयोजन किया जाए और गोल्फ ग्राउंड को खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।
प्रस्तावित मेले को लेकर विरोध बढ़ने के बीच खिलाड़ियों और अभिभावकों ने मैदान के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मेला कुछ दिनों का आयोजन हो सकता है, लेकिन इसका असर खिलाड़ियों के अभ्यास पर लंबे समय तक पड़ता है।
जनप्रतिनिधि भी उठा चुके हैं मुद्दा
गोल्फ ग्राउंड में मेला लगाने का मुद्दा पहले भी सार्वजनिक और राजनीतिक स्तर पर उठ चुका है। विभिन्न जनप्रतिनिधियों की ओर से भी मैदान को खेल गतिविधियों के लिए सुरक्षित रखने की मांग सामने आई है।
प्रदर्शन में शामिल बच्चों और युवाओं ने कहा कि गोल्फ ग्राउंड सिर्फ एक खाली मैदान नहीं है, बल्कि शहर के कई खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने प्रशासन से मैदान में व्यावसायिक आयोजनों की जगह खेल गतिविधियों को प्राथमिकता देने की मांग की।
पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से प्रस्तावित मेला आयोजन पर पुनर्विचार करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होने पर लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आवाज उठाई जाएगी।
















