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धनबाद के 24 जर्जर स्कूल भवन होंगे शिफ्ट, बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला

JP Bharat Shareधनबाद: जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan की अध्यक्षता में आयोजित जिला कार्यकारिणी समिति की बैठक में स्कूल भवनों की सुरक्षा, शिक्षकों के मानदेय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्तावों को…

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धनबाद: जिले में शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी Aditya Ranjan की अध्यक्षता में आयोजित जिला कार्यकारिणी समिति की बैठक में स्कूल भवनों की सुरक्षा, शिक्षकों के मानदेय और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

बैठक में सबसे अहम निर्णय जिले के 24 जर्जर स्कूल भवनों को तत्काल खाली कराने का लिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि इन भवनों में पढ़ाई जारी रखना बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में संबंधित विद्यालयों की कक्षाएं अब नजदीकी सुरक्षित स्कूलों, पंचायत भवनों और सामुदायिक भवनों में संचालित की जाएंगी।

शिक्षा कर्मियों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बैठक में बीआरपी (BRP) और सीआरपी (CRP) के मानदेय में एक अप्रैल 2026 से तीन प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की स्वीकृति दी गई। वहीं कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) और झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय (JBAV) के शिक्षकों एवं कर्मियों के मानदेय में चार प्रतिशत बढ़ोतरी का निर्णय लिया गया।

बैठक के दौरान शैक्षणिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी जोर दिया गया। इसके तहत केलियासोल और एग्यारकुण्ड प्रखंडों में रिसोर्स शिक्षकों का पुनर्युक्तिकरण करने का फैसला लिया गया। साथ ही एमआईएस कोऑर्डिनेटर की कमी को दूर करने के लिए आवश्यक स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया।

प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मियों के स्थानांतरण के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों का मानना है कि समय-समय पर स्थानांतरण से कार्य संस्कृति में सुधार और जवाबदेही बढ़ेगी।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त आदित्य रंजन ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी निर्णयों का शीघ्र क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

इन फैसलों को जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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