धनबाद: मैथन डैम में रविवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब पर्यटकों से भरी एक नाव पानी के भीतर छिपे पत्थर से टकराकर डूबने लगी। नाव पर सवार करीब एक दर्जन पर्यटकों की जान उस समय बच गई, जब स्पीड बोट चालक Tajuddin ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पर्यटकों से भरी नाव मजूमदार निवास से सबुज दीप की ओर जा रही थी। इसी दौरान नाव पानी के भीतर मौजूद एक बड़े पत्थर से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नाव का निचला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें तेजी से पानी भरने लगा। कुछ ही देर में नाव डूबने की स्थिति में पहुंच गई, जिससे सवार पर्यटकों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
घटना के समय पास से गुजर रहे बाबू बोट घाट के स्पीड बोट चालक ताजुद्दीन की नजर डूबती नाव पर पड़ी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने तुरंत अपनी स्पीड बोट घटनास्थल की ओर मोड़ दी। जोखिम उठाते हुए उन्होंने एक-एक कर सभी पर्यटकों को सुरक्षित अपनी बोट में स्थानांतरित किया और किनारे तक पहुंचाया।
ताजुद्दीन की त्वरित कार्रवाई और बहादुरी के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद डैम किनारे मौजूद लोगों और पर्यटकों ने उनकी जमकर सराहना की। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते राहत नहीं पहुंचती तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।
स्थानीय नाविकों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से मैथन डैम का जलस्तर लगातार घट रहा है। इसके कारण कई बड़े पत्थर पानी की सतह के करीब आ गए हैं या बाहर दिखाई देने लगे हैं। ऐसे पत्थर नौकायन और पर्यटन गतिविधियों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन से डैम क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने, खतरनाक स्थानों को चिह्नित करने तथा चेतावनी संकेत लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए।
गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ और सभी पर्यटक सुरक्षित बचा लिए गए। हालांकि इस घटना ने मैथन डैम में नौकायन सुरक्षा और जलस्तर घटने से उत्पन्न खतरों को लेकर प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
















