धनबाद/रांची। धनबाद में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या और शहर की 38 प्रमुख सड़कों के निर्माण का मुद्दा अब मुख्यमंत्री स्तर तक पहुंच गया है। झारखंड विधानसभा के सचेतक सह धनबाद विधायक राज सिन्हा ने मंगलवार को रांची में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर दोनों मामलों पर विस्तार से चर्चा की और जल्द समाधान की मांग रखी।
मुलाकात के दौरान विधायक ने धनबाद की मौजूदा जलापूर्ति व्यवस्था, अधूरी योजनाओं और पहले से तैयार आधारभूत संरचनाओं के बेहतर उपयोग का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि धनबाद के लिए JNNURM के तहत 143 MLD क्षमता वाली शहरी जलापूर्ति योजना तैयार की गई थी और इसके तहत 31 जलमीनारों का निर्माण भी हुआ है। इसके बावजूद वर्तमान में पूरी क्षमता के मुकाबले करीब 47 MLD पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।
विधायक के अनुसार, जलापूर्ति व्यवस्था की करीब 96 MLD क्षमता का पर्याप्त इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इससे एक ओर शहरवासियों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये की लागत से लगाए गए पंप, मोटर, फिल्टर बेड, कैलरीफायर और अन्य उपकरणों के लंबे समय तक कम उपयोग में रहने से उनके खराब होने की आशंका भी बनी हुई है।
राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री के समक्ष सुझाव रखा कि नई योजनाओं पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय पहले से मौजूद जलापूर्ति नेटवर्क को उसकी क्षमता के अनुरूप संचालित किया जाए। उन्होंने सियालगुदड़ी संप से भेलाटांड़ तक जाने वाली पाइपलाइन और राइजिंग पाइपलाइन को अन्य जलापूर्ति पाइपलाइनों से बेहतर तरीके से जोड़ने की संभावनाओं का तकनीकी अध्ययन कराने की मांग की।
उन्होंने बिनोद बिहारी महतो चौक के पास सियालगुदड़ी-भेलाटांड़ राइजिंग पाइपलाइन को झमाडा की पाइपलाइन से जोड़ने की तकनीकी संभावना की भी जांच कराने का सुझाव दिया। उनका कहना है कि इस तरह के नेटवर्क संयोजन से शहर के बड़े हिस्से में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।
विधायक ने JNNURM के तहत बने सभी 31 जलमीनारों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग भी रखी। इसमें जलमीनारों की वास्तविक क्षमता, पाइपलाइन नेटवर्क, पंपिंग व्यवस्था और घरों तक दिए गए जल संयोजन की स्थिति की समीक्षा शामिल करने की बात कही गई।
इसके अलावा नगर विकास विभाग की एजेंसी जुडको की फेज-I और फेज-II जलापूर्ति योजनाओं को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक ने कहा कि कई इलाकों में पाइपलाइन बिछाने और आठ ESR यानी पानी की टंकियों के निर्माण का काम चल रहा है, लेकिन कुछ योजनाएं लंबे समय से पूरी नहीं हो पाई हैं। उन्होंने योजनाओं की नियमित निगरानी और प्रत्येक परियोजना के लिए जिम्मेदार अधिकारी तय करने की मांग की।
राज सिन्हा ने मुख्यमंत्री से नगर विकास विभाग, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, नगर निगम और संबंधित अभियंताओं के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर धनबाद की जलापूर्ति व्यवस्था की समीक्षा कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि धनबाद के लोगों को लंबे समय से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है और अब स्थायी समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
38 प्रमुख सड़कों का मामला भी उठा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान धनबाद शहर की 38 प्रमुख सड़कों के निर्माण और पुनर्निर्माण का मुद्दा भी विधायक ने उठाया। उन्होंने बताया कि एसीबी जांच के कारण इन सड़कों से जुड़े कार्य प्रभावित हुए हैं, जिसका असर आम लोगों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और वाहन चालकों पर पड़ रहा है।
विधायक ने मांग की कि पूरे मामले की विधिसम्मत समीक्षा करते हुए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे जांच की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद जनहित से जुड़े जरूरी सड़क निर्माण और मरम्मत कार्य लंबे समय तक बाधित न रहें।
राज सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ दोनों मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री के स्तर से संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश मिलने के बाद धनबाद की जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और लंबित सड़क योजनाओं को गति देने की दिशा में कार्रवाई होगी।
विधायक ने कहा कि धनबाद में पहले से मौजूद जलापूर्ति ढांचे और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल किया जाए तो शहर की पेयजल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।
















