धनबाद: झारखंड सरकार के निर्देश पर धनबाद जिले में बुधवार से 25 दिवसीय नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के तहत 10 जून से 25 जून तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता रैली, नुक्कड़ नाटक, जनसंपर्क कार्यक्रम और स्कूलों में विशेष काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक कर नशा मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में प्रेरित करना है।
अभियान की जानकारी देते हुए डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज पर गंभीर प्रभाव डालता है। इसके कारण कई प्रकार की गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं और आर्थिक नुकसान भी होता है। उन्होंने लोगों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
सिविल सर्जन ने बताया कि अभियान के पहले दिन जागरूकता रैली निकालकर इसकी शुरुआत की गई। आगामी दिनों में नुक्कड़ नाटक, जनजागरूकता कार्यक्रम और विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए लोगों तक नशा मुक्ति का संदेश पहुंचाया जाएगा। इसके अलावा स्कूलों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जाएगी तथा उनकी काउंसलिंग भी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धनबाद जिले में कैंसर के इलाज पर हर वर्ष लगभग 18 से 19 करोड़ रुपये खर्च करती है। यदि लोग नशे की लत से बचें और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें तो इस राशि का उपयोग स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और अन्य जनकल्याणकारी कार्यों में किया जा सकता है।
डॉ. आलोक विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “नशा मुक्त झारखंड” और “नशा मुक्त धनबाद” का निर्माण करना है। इसके लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों से अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील की।
जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि यह अभियान लोगों में जागरूकता बढ़ाने और युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
















