धनबाद : असंगठित क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग ने विशेष निःशुल्क निबंधन अभियान शुरू किया है। झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम, 2008 के तहत चलाए जा रहे इस अभियान के माध्यम से राज्यभर में 31 मार्च 2027 तक लगभग 52 लाख असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसी क्रम में धनबाद जिले को 3,44,783 असंगठित श्रमिकों के निबंधन का लक्ष्य दिया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिले में प्रतिमाह 38,309 श्रमिकों का पंजीकरण किया जाएगा। अभियान के तहत सभी प्रखंडों और पंचायतों में विशेष निःशुल्क निबंधन शिविर लगाए जाएंगे तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र श्रमिक योजना से जुड़ सकें।
सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि जिले के सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारियों को क्षेत्रवार लक्ष्य निर्धारित कर नियमित शिविर आयोजित करने और पात्र श्रमिकों का अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की प्राथमिकता प्रत्येक पात्र श्रमिक तक सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
उन्होंने बताया कि 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे श्रमिक, जो स्व-नियोजित हैं या असंगठित क्षेत्र में कार्यरत हैं तथा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकृत नहीं हैं, वे इस योजना के तहत निःशुल्क ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं।
इस योजना के तहत पंजीकृत श्रमिकों को सामान्य मृत्यु पर ₹50 हजार, दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में ₹1 लाख की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा मातृत्व सहायता, अंत्येष्टि सहायता, निःशुल्क कौशल प्रशिक्षण, उपचार अवधि में आजीविका सहायता, टूल किट, साइकिल, सिलाई मशीन तथा विवाह सहायता जैसी कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। सभी सुविधाएं Shramadhan Portal के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।
सहायक श्रमायुक्त ने घरेलू कामगारों, कृषि एवं निर्माण श्रमिकों, रिक्शा और ई-रिक्शा चालकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों सहित सभी पात्र असंगठित श्रमिकों से अपील की कि वे अपने निकटतम निबंधन शिविर या श्रम विभाग कार्यालय में आवश्यक दस्तावेजों के साथ पहुंचकर निःशुल्क पंजीकरण कराएं।
उन्होंने जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों, उद्योगों, श्रमिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं से भी अभियान को सफल बनाने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि विभाग का लक्ष्य है—”हर पात्र असंगठित श्रमिक का निबंधन, हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा का संरक्षण।”
















