धनबाद: झारखंड विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। समिति के सभापति सह टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो की अध्यक्षता में आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में जिले से जुड़े भूमि विवाद, खनन गतिविधियों और रैयतों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो, निरसा विधायक अरूप चटर्जी, चंदनकियारी विधायक उमाकांत रजक तथा तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया समेत समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधियों से विभिन्न मुद्दों पर जवाब-तलब किया गया।
समीक्षा के दौरान भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL), ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) तथा जिले में कार्यरत विभिन्न आउटसोर्सिंग कंपनियों की कार्यप्रणाली की गहन समीक्षा की गई। समिति ने स्थानीय रैयतों की जमीन पर कथित अतिक्रमण, भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवादों और खनन गतिविधियों से उत्पन्न समस्याओं पर विशेष चिंता जताई।
बैठक में सरकारी एवं वन भूमि पर नियमों की अनदेखी कर किए जा रहे खनन कार्यों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। समिति ने अधिकारियों को ऐसे मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा ओवर बर्डन (OB) डंपिंग से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर भी चर्चा हुई। समिति ने कहा कि अवैध ओबी डंपिंग से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है और पर्यावरणीय नुकसान भी हो रहा है। संबंधित कंपनियों को जवाबदेह बनाते हुए नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
समिति ने स्पष्ट किया कि विकास और खनन परियोजनाओं के नाम पर स्थानीय रैयतों के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कंपनियों को कानूनी प्रावधानों और पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप कार्य करना होगा। साथ ही प्रभावित लोगों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक को जिले में भूमि, खनन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। समिति ने संकेत दिया कि भविष्य में भी ऐसे मामलों की नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि स्थानीय लोगों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
















