धनबाद: साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए धनबाद पुलिस ने अब ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान को और मजबूत करने की पहल की है। एसएसपी प्रभात कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को पुलिस केंद्र में महिला पर्यवेक्षिकाओं और सेविकाओं के लिए विशेष साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का नेतृत्व ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने किया। इस दौरान साइबर डीएसपी प्रदीप कुमार साव समेत जिले की बड़ी संख्या में महिला पर्यवेक्षिकाएं और सेविकाएं मौजूद रहीं।
साइबर ठगी के नए तरीकों की दी जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस अधिकारियों ने साइबर अपराध के अलग-अलग तरीकों और लगातार सामने आ रहे ठगी के नए पैटर्न के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को फर्जी कॉल, लिंक और अलग-अलग तरह के प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
ग्रामीण एसपी ने बताया कि महिला पर्यवेक्षिकाएं और सेविकाएं सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं सामाजिक कार्यों के सिलसिले में लगातार ग्रामीण इलाकों में घर-घर तक पहुंचती हैं। इसलिए उन्हें साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण देकर पुलिस के जागरूकता संदेश को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
‘साइबर सखी’ बनकर गांवों में फैलाएंगी जागरूकता
प्रशिक्षित महिला पर्यवेक्षिकाएं और सेविकाएं अपने-अपने कार्यक्षेत्र में ‘साइबर सखी’ की भूमिका निभाते हुए लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करेंगी।
इस दौरान ग्रामीणों को संदिग्ध फोन कॉल, फर्जी लिंक, OTP, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, बैंकिंग फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति सावधान किया जाएगा।
लोगों को यह भी समझाया जाएगा कि अपना OTP, PIN, पासवर्ड, बैंकिंग जानकारी या अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। साथ ही अपना बैंक अकाउंट या सिम कार्ड किसी दूसरे व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए नहीं देने की सलाह दी जाएगी।
सरकारी योजना और लोन के नाम पर ठगी से सावधान रहने की अपील
अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, सस्ता लोन उपलब्ध कराने या आर्थिक लाभ देने का झांसा देकर भी लोगों को ठगी का शिकार बनाते हैं। ग्रामीणों को ऐसे किसी भी प्रलोभन में नहीं आने और किसी भी संदिग्ध दावे की पहले पुष्टि करने की सलाह दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने और पुलिस को सूचना देने के महत्व पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों ने साइबर अपराध से जुड़े कई सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल तरीके से जवाब दिया।
गांव-गांव तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश
प्रशिक्षण में शामिल महिला पर्यवेक्षिकाओं और सेविकाओं ने इसे उपयोगी पहल बताया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें साइबर अपराध के बदलते तरीकों और उनसे बचने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी मिली है। अब वे अपने कार्यक्षेत्र में लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करेंगी।
धनबाद पुलिस की यह पहल साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को शहरी क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस का उद्देश्य आम लोगों को जागरूक कर उन्हें ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों का शिकार होने से बचाना है।
















