धनबाद के सर्किट हाउस में मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक हेमलाल मुर्मू ने पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव पूरी तरह से इलेक्शन कमीशन का चुनाव था और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जबरदस्ती जीत हासिल की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल में करीब 50 हजार सेंट्रल फोर्स तैनात कर दंडात्मक तरीके से चुनाव कराया गया, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके अनुसार, बंगाल में BJP की जीत की कोई गुंजाइश नहीं थी।
असम चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर हेमलाल मुर्मू ने कहा कि वहां झामुमो (JMM) ने एक तरह से ट्रायल किया था। पार्टी सीमित सीटों (करीब 16-17) पर चुनाव लड़ी, लेकिन प्रदर्शन संतोषजनक रहा।
वहीं Mamata Banerjee के इस्तीफा न देने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि “ममता दीदी संविधान से बाहर नहीं हैं, उन्हें इस्तीफा देना ही पड़ेगा।”
BJP का पलटवार:
इधर, बगोदर से भाजपा विधायक Nagendra Mahto ने हेमलाल मुर्मू के आरोपों पर कड़ा जवाब दिया।
उन्होंने कहा कि बंगाल में “आतंक का राज खत्म हो गया है” और जनता लंबे समय से परेशान थी। उन्होंने यह भी कहा कि यह लोकतंत्र है, राजतंत्र नहीं—जनता ने अपना फैसला दे दिया है।
ममता बनर्जी के इस्तीफा देने से इंकार पर उन्होंने कहा कि जनता उन्हें पहले ही नकार चुकी है और विपक्ष के आरोप बेबुनियाद हैं।
बैठक की जानकारी:
बताया गया कि दोनों विधायक झारखंड विधानसभा की प्रकालन समिति की विभागीय बैठक में शामिल होने के लिए धनबाद पहुंचे थे।
इस समिति के सभापति हेमलाल मुर्मू हैं, जबकि नागेंद्र महतो सदस्य हैं। बैठक में टुंडी विधायक Mathura Prasad Mahato और विधायक Somesh Soren भी मौजूद रहे।














