झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य के प्रति गंभीर चिंता जताते हुए तंबाकू और निकोटीन युक्त गुटका एवं पान मसाला के निर्माण, भंडारण, बिक्री और वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव Ajay Kumar Singh के हस्ताक्षर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह प्रतिबंध उन सभी उत्पादों पर लागू होगा, जिनमें तंबाकू या निकोटीन की थोड़ी भी मात्रा मौजूद है, चाहे वे किसी भी नाम से बाजार में बेचे जा रहे हों।
यह निर्णय Food Safety and Standards Act, 2006 के तहत लिया गया है और यह प्रतिबंध आदेश जारी होने की तिथि से अगले एक वर्ष तक पूरे राज्य में प्रभावी रहेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में अब ऐसे उत्पादों का निर्माण, गोदाम में भंडारण, थोक वितरण या खुदरा बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित दुकानदार, वितरक या निर्माता के खिलाफ न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि जेल की सजा भी हो सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि गुटका और पान मसाला में मौजूद निकोटीन स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है और इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ता है।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से बचाना और राज्य में स्वास्थ्य संबंधी खतरों को कम करना है।
यह फैसला झारखंड में जनस्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अब प्रशासन की सख्ती और लोगों की जागरूकता ही इस प्रतिबंध को सफल बना पाएगी।














