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धनबाद रेल मंडल की बड़ी लापरवाही! ढोकरा हॉल्ट अंडरपास में पड़ी दरारें, हादसे का खतरा बढ़ा

JP Bharat Shareधनबाद: भारतीय रेलवे के सबसे अधिक राजस्व देने वाले मंडलों में शामिल धनबाद रेल मंडल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला धनबाद के ढोकरा हॉल्ट के समीप बने नए रेलवे अंडरपास का है, जहां निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद मुख्य ढांचे में बड़ी-बड़ी दरारें…

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धनबाद: भारतीय रेलवे के सबसे अधिक राजस्व देने वाले मंडलों में शामिल धनबाद रेल मंडल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला धनबाद के ढोकरा हॉल्ट के समीप बने नए रेलवे अंडरपास का है, जहां निर्माण कार्य पूरा होने के कुछ ही समय बाद मुख्य ढांचे में बड़ी-बड़ी दरारें दिखाई देने लगी हैं। इस स्थिति ने स्थानीय लोगों और राहगीरों की चिंता बढ़ा दी है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि अंडरपास निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार और अधिकारियों-ठेकेदार की मिलीभगत की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका आरोप है कि जनता की सुविधा के लिए बनाए गए इस अंडरपास ने अब लोगों की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं।

ग्रामीणों के अनुसार समस्या केवल दरारों तक सीमित नहीं है। अंडरपास में पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिसके कारण रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है। अंधेरे की वजह से राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय आवारा पशु और मवेशी अंडरपास के बीच बैठ जाते हैं। रोशनी नहीं होने के कारण वाहन चालकों को समय पर उनका पता नहीं चल पाता, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है। लोगों का कहना है कि किसी बड़ी दुर्घटना से पहले रेलवे प्रशासन को इस समस्या का समाधान करना चाहिए।

अंडरपास की स्थिति को लेकर क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि अंडरपास की तकनीकी जांच कराई जाए, दरारों की मरम्मत कराई जाए और तत्काल प्रभाव से बेहतर लाइटिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

स्थानीय नागरिकों ने पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में अनियमितता या भ्रष्टाचार हुआ है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। लोगों का सवाल है कि जब धनबाद रेल मंडल रेलवे को करोड़ों रुपये का राजस्व देता है, तो स्थानीय जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी सुविधाएं क्यों नहीं मिल पा रही हैं।

अब सभी की निगाहें रेल प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर मामले पर कब संज्ञान लेता है और ढोकरा हॉल्ट क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा कब उपलब्ध कराता है।


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