धनबाद: उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिन्हा ने शनिवार को जिला पुलिस मुख्यालय में सात जिलों के पुलिस कप्तानों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अपराध नियंत्रण, नक्सल गतिविधियों, संगठित अपराध, साइबर क्राइम और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक में हजारीबाग डीआईजी अंजनी कुमार झा, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लुनायत, बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा, कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष, गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार और चतरा एसपी अनिमेष नथानी समेत कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
नक्सल और संगठित अपराध पर विशेष नजर
आईजी ने सातों जिलों में नक्सल गतिविधियों, संगठित गिरोहों और सक्रिय अपराधियों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने फरार और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने तथा अपराध नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया।
लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर
बैठक में साइबर अपराध, एससी-एसटी एक्ट, पॉक्सो, महिला अपराध और एनडीपीएस एक्ट समेत विभिन्न मामलों की प्रगति की समीक्षा की गई। आईजी ने लंबित कांडों की जांच में तेजी लाने और समयबद्ध तरीके से मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया। गंभीर मामलों में गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया।
फरार अपराधियों और कुर्की वारंट पर सख्ती
पुलिस अधिकारियों को नियमित रूप से थानों का निरीक्षण करने और थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ लंबित कुर्की वारंटों का भी शीघ्र निष्पादन करने पर जोर दिया गया।
दुर्गापूजा में भीड़ और यातायात व्यवस्था पर फोकस
आगामी दुर्गापूजा को देखते हुए सभी जिलों की सुरक्षा तैयारियों की भी समीक्षा हुई। आईजी ने भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए पहले से तैयारी पूरी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान श्रद्धालुओं को परेशानी न हो और त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो, इसके लिए पुलिस की निगरानी प्रभावी रहनी चाहिए।
पेंशन और अनुकंपा मामलों की भी हुई समीक्षा
बैठक में सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के पेंशन मामलों, अनुकंपा नियुक्ति और विभागीय कार्रवाई से जुड़े लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का जल्द निष्पादन करने के निर्देश दिए गए।
बैठक के अंत में आईजी ने प्रक्षेत्र में अपराध नियंत्रण और विधि-व्यवस्था की स्थिति को संतोषजनक बताया और अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ प्रभावी पुलिसिंग जारी रखने का निर्देश दिया।
















