धनबाद: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) में सरकार की हिस्सेदारी और कम करने के प्रस्ताव के विरोध में बुधवार को बीमा कर्मचारी संघ ने जिलेभर के एलआईसी कार्यालयों में द्वार प्रदर्शन कर विरोध जताया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें हजारीबाग मंडल के अधीन आने वाले सभी 37 कार्यालयों के कर्मचारियों ने भाग लिया।
भोजनावकाश के दौरान आयोजित प्रदर्शन में कर्मचारियों ने केंद्र सरकार द्वारा 3 अगस्त 2026 को घोषित ऑफर फॉर सेल (OFS) के निर्णय को वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि एलआईसी देश की करोड़ों जनता के विश्वास से जुड़ी संस्था है और इसमें लगातार विनिवेश सार्वजनिक हित के विपरीत है।
बीमा कर्मचारी संघ, हजारीबाग मंडल के मंडलीय महासचिव जगदीश चंद मित्तल ने कहा कि सरकार द्वारा एलआईसी की चुकता इक्विटी पूंजी के 2.5 प्रतिशत शेयरों की आधार बिक्री तथा अतिरिक्त 4 प्रतिशत ग्रीनशू विकल्प के जरिए कुल 6.5 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजकोषीय घाटे की भरपाई के लिए सार्वजनिक संपत्तियों के विनिवेश का सहारा ले रही है।
संघ के मंडल अध्यक्ष हेमंत मिया ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में सरकार कई सार्वजनिक उपक्रमों के शेयर बेचकर हजारों करोड़ रुपये जुटा चुकी है। उनके अनुसार, यह आर्थिक नीतियों की विफलता को छिपाने का प्रयास है और राष्ट्रीय संपत्तियों के हित में नहीं है।
मंडल संगठन सचिव अमित कुमार ने कहा कि एलआईसी केवल लाभ कमाने वाली संस्था नहीं, बल्कि करोड़ों पॉलिसीधारकों के विश्वास और उनकी जीवनभर की बचत से निर्मित एक राष्ट्रीय संस्था है। ऐसे में इसमें और अधिक विनिवेश का निर्णय आम जनता के हितों को प्रभावित कर सकता है।
प्रदर्शन को सफल बनाने में अमित कुमार, जोगेश्वर राम, सुरेश कुमार, सुबीर राम, नीरज कुमार, राकेश कुमार, राहुल प्रसाद, जितेंद्र प्रसाद, खुशबू कुमारी, मनोज कुमार, शर्मिला सरकार, अर्नव सिंह, चंदन मोइत्रा, गोपाल कुमार, पिंटू कुमार, सुशील कुमार भगत, वीरेन्द्र बराट, बासु बहादुर, संजय कुमार पाठक, सपन कुमार दास, रविन्द्र दूबे, ज्योति सिंह, निशेष कुमार, अनंत मिश्रा, आशीष रंजन, अमरजीत राजवंशी और जनता प्रसाद राम सहित कई कर्मचारियों ने सक्रिय सहयोग दिया।
















