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फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत 5 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ

JP Bharat Shareधनबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रॉनिक्स और आईसीटी अकादमी के सहयोग से सी-डैक पटना द्वारा राजकीय पॉलिटेक्निक, धनबाद में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं मेंटर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उभरते…

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धनबाद: इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत संचालित इलेक्ट्रॉनिक्स और आईसीटी अकादमी के सहयोग से सी-डैक पटना द्वारा राजकीय पॉलिटेक्निक, धनबाद में पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं मेंटर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के उभरते क्षेत्रों में दक्ष बनाना है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रोफेसरों, फैकल्टी सदस्यों, प्रशिक्षकों एवं मेंटर्स के पेशेवर विकास को बढ़ावा देना तथा उन्हें नई तकनीकों और आधुनिक डिजिटल कौशल से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक है और इसके प्रभावी उपयोग के लिए शिक्षकों का प्रशिक्षित होना बेहद आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि यह कार्यशाला 22 जून से 27 जून तक प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में धनबाद, भागा और निरसा के राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों के साथ-साथ आईटीआई धनबाद, पीके रॉय मेमोरियल कॉलेज, गुरु नानक कॉलेज तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं।

कार्यशाला के दौरान सी-डैक पटना के साइंटिस्ट ‘बी’ रंजन कुमार, सीनियर प्रोजेक्ट इंजीनियर हृदय राम वर्मा तथा प्रोजेक्ट इंजीनियर आदित्य शर्मा द्वारा प्रतिभागियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल तकनीक, आधुनिक आईसीटी टूल्स और तकनीकी नवाचारों से संबंधित विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान किया जा रहा है, ताकि वे अपने संस्थानों में छात्रों को आधुनिक तकनीकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे सकें।

कार्यक्रम के दौरान जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी सुनीता तुलसियान भी मौजूद रहीं। आयोजनकर्ताओं ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों की क्षमता विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता को नई दिशा प्रदान करते हैं।


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