धनबाद: झारखंड सरकार के परिवहन विभाग की पहल के तहत शनिवार को धनबाद जिले के गोविंदपुर प्रखंड सभागार में आयोजित एक दिवसीय ड्राइविंग लाइसेंस कैंप भारी अव्यवस्था का शिकार हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रखंड स्तर पर ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगाए गए इस कैंप में सुबह से ही हजारों की संख्या में महिला और पुरुष आवेदक पहुंच गए। हालांकि, अपेक्षा से कहीं अधिक भीड़ और अपर्याप्त व्यवस्थाओं के कारण पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
भीड़ अधिक होने और स्थान सीमित होने के कारण लोगों को लंबी कतारों में घंटों इंतजार करना पड़ा। कई स्थानों पर धक्का-मुक्की की स्थिति भी देखने को मिली। भीषण गर्मी के बावजूद कैंप परिसर में पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती गई।
कैंप के दौरान सबसे बड़ी समस्या ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग को लेकर सामने आई। बड़ी संख्या में ऐसे आवेदक पहुंचे थे जिन्होंने पहले से स्लॉट बुक नहीं कराया था। मौके पर उन्हें बताया गया कि बिना ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग के ड्राइविंग लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकती। इससे दूर-दराज के गांवों से आए कई युवाओं को बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
आवेदकों का कहना था कि सरकार या संबंधित विभाग की ओर से जारी सूचना में यह स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया था कि कैंप में आने से पहले ऑनलाइन स्लॉट बुक कराना अनिवार्य होगा। यदि यह जानकारी पहले ही सार्वजनिक कर दी जाती, तो लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता।
लोगों ने मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा उपलब्ध कराना स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन प्रशासन को भविष्य में भीड़ का सही आकलन कर पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही स्लॉट बुकिंग और अन्य आवश्यक नियमों की जानकारी पहले से व्यापक स्तर पर प्रचारित की जानी चाहिए।
फिलहाल कैंप में हुई अव्यवस्था को लेकर लोगों ने प्रशासन से आगामी ड्राइविंग लाइसेंस कैंपों में बेहतर प्रबंधन, पर्याप्त संसाधन और स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
















