रांची : झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में जिलावार भाषा निर्धारण को लेकर चल रहा विवाद अभी तक सुलझ नहीं पाया है। इस मुद्दे पर गठित पांच मंत्रियों की हाई पावर कमेटी की पहली बैठक सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में हुई, लेकिन जरूरी जानकारी नहीं मिलने के कारण कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया जा सका।
बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने की। बैठक में मंत्री Sudivya Sonu, Deepika Pandey Singh, Sanjay Prasad Yadav और Yogendra Prasad भी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान जेटेट नियमावली और भाषा चयन से जुड़े मुद्दों पर कार्मिक विभाग, उच्च शिक्षा विभाग और Jharkhand Academic Council (जैक) के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गई।
जानकारी के अनुसार, हाई पावर कमेटी ने पहले ही कार्मिक विभाग से तीन अहम बिंदुओं पर जानकारी मांगी थी और अधिकारियों को उसी के साथ बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया था। हालांकि विभाग की ओर से स्पष्ट जवाब उपलब्ध नहीं कराया जा सका, जिसके कारण भाषा विवाद पर सहमति नहीं बन पाई।
बैठक में जैक अधिकारियों ने बताया कि उनके पास ऐसा कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि राज्य के किस जिले में कौन-सी भाषा बोलने वालों की संख्या कितनी है। इसके अलावा, तीन भाषाओं को शामिल करने और बाद में हटाने के फैसले का भी कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
अब हाई पावर कमेटी संबंधित विभागों से पूरी जानकारी मिलने के बाद अगली बैठक में इस मुद्दे पर आगे निर्णय लेगी।
















