बोकारो: झारखंड पुलिस के इतिहास में एक अभूतपूर्व कदम उठाते हुए बोकारो के पिण्ड्राजोरा थाने के समस्त स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है। अपराधियों के साथ कथित मिलीभगत और कर्तव्य में लापरवाही के गंभीर आरोपों के चलते, विभाग ने थाना प्रभारी से लेकर सिपाहियों तक, कुल 28 पुलिसकर्मियो पर निलंबन की गाज गिराई है।
कार्रवाई का मुख्य कारण
यह कठोर निर्णय एक अपहरण और हत्या के मामले में पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आने के बाद लिया गया है। निलंबित कर्मियों में शामिल हैं:
* 10 सब इंस्पेक्टर (SI)
* 05 असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (ASI)
* 02 हवलदार
* 11 आरक्षी (सिपाही)
जांच में हुआ चौंकाने वाला खुलासा**
जुलाई 2025 में दर्ज एक अपहरण के मामले (कांड संख्या 147/25) की जांच के दौरान यह पाया गया कि स्थानीय पुलिस अधिकारी जानबूझकर केस को कमजोर कर रहे थे। विभाग की आंतरिक समीक्षा में यह बात सामने आई कि पुलिसकर्मी अभियुक्तों के साथ संपर्क में थे, उनके साथ पार्टियां कर रहे थे और केस रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर धन का लेन-देन भी किया गया था।
SIT की सफलता ने खोली पोल
जब नियमित पुलिसिंग पर सवाल उठे, तो सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक **विशेष जांच दल (SIT)** का गठन किया गया। एसआईटी ने अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए मात्र 24 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को न केवल दबोच लिया, बल्कि उसकी निशानदेही पर मृतका के अवशेष और हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए।
एसआईटी की इस त्वरित सफलता ने पुराने स्टाफ की लापरवाही और मिलीभगत को पूरी तरह उजागर कर दिया, जिसके बाद बोकारो एसपी कार्यालय ने शनिवार रात सभी 28 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जा
री कर दिया।














