झारखंड वोटर लिस्ट SIR 2026: 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची, जानें पूरा शेड्यूल
Table of Contents
- झारखंड में SIR अभियान क्या है
- 30 जून से शुरू होगा घर-घर सत्यापन
- अगस्त में प्रकाशित होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
- 7 अक्टूबर को जारी होगी अंतिम सूची
- राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
- SIR कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
- क्या है SIR प्रक्रिया
झारखंड में SIR अभियान क्या है
झारखंड में चुनाव आयोग द्वारा Special Intensive Revision (SIR) 2026 अभियान शुरू किया जा रहा है। इस विशेष अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट और पारदर्शी बनाना है। इसके तहत बीएलओ (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं की जानकारी की जांच करेंगे और आवश्यक सुधार दर्ज करेंगे।
इस प्रक्रिया में मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जबकि नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे। इससे चुनावी प्रक्रिया और अधिक निष्पक्ष तथा विश्वसनीय बनेगी।
30 जून 2026 से शुरू होगा घर-घर सत्यापन अभियान
निर्वाचन आयोग के अनुसार झारखंड में SIR कार्यक्रम के लिए तैयारी, प्रशिक्षण और प्रिंटिंग का कार्य 20 जून से 29 जून 2026 तक चलेगा। इसके बाद 30 जून 2026 से 29 जुलाई 2026 तक BLO घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे।
इस दौरान पोलिंग स्टेशनों का रेशनलाइजेशन भी किया जाएगा ताकि मतदाताओं को बेहतर सुविधा मिल सके। चुनाव आयोग ने कहा है कि हर मतदाता की जानकारी को सही और अपडेट रखना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
अगस्त 2026 में प्रकाशित होगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
निर्वाचन आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त 2026 को झारखंड की प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। इसके बाद 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026 तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय दिया जाएगा।
यदि किसी मतदाता का नाम सूची में गलत है, छूट गया है या किसी अन्य प्रकार की त्रुटि है तो वह इस अवधि में सुधार के लिए आवेदन कर सकता है। आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे इस दौरान अपनी वोटर डिटेल्स अवश्य जांच लें।
7 अक्टूबर 2026 को जारी होगी अंतिम मतदाता सूची
दावा और आपत्तियों के निपटारे की प्रक्रिया 3 अक्टूबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 7 अक्टूबर 2026 को झारखंड की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस प्रक्रिया से चुनाव प्रणाली अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद बनेगी। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि SIR अभियान लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों से मांगा सहयोग
निर्वाचन आयोग ने सभी राजनीतिक दलों से प्रत्येक बूथ पर BLA नियुक्त करने की अपील की है ताकि प्रक्रिया में पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित हो सके। आयोग के अनुसार SIR एक सहभागी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता, राजनीतिक दल और चुनाव अधिकारी सभी की अहम भूमिका होती है।
आयोग ने बताया कि पहले दो चरणों में 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 59 करोड़ मतदाताओं का पुनरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।
हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बाद में होगा SIR
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में SIR कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। इन क्षेत्रों में मौसम और जनगणना के दूसरे चरण को ध्यान में रखते हुए बाद में कार्यक्रम जारी किया जाएगा।
एक नजर में देखें झारखंड SIR कार्यक्रम 2026
SIR कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल
- तैयारी और प्रशिक्षण: 20 जून से 29 जून 2026
- घर-घर सत्यापन: 30 जून से 29 जुलाई 2026
- ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशन: 5 अगस्त 2026
- दावा और आपत्ति अवधि: 5 अगस्त से 4 सितंबर 2026
- दावा-आपत्ति निपटारा: 3 अक्टूबर 2026 तक
- अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 7 अक्टूबर 2026
क्या है SIR प्रक्रिया
Special Intensive Revision यानी विशेष गहन पुनरीक्षण एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें मतदाता सूची का व्यापक सत्यापन किया जाता है। इसमें गलत, डुप्लीकेट और मृत मतदाताओं के नाम हटाने के साथ नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाते हैं।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को अधिक सटीक, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है ताकि हर पात्र नागरिक अपने मताधिकार का सही उपयोग कर सके।
ये भी पढ़:-धनबाद के आसमान में दिखा सूर्य का अद्भुत प्रभामंडल, 22 डिग्री हेलो ने लोगों को किया हैरान
Follow the JP BHARAT LIVE channel on WhatsApp: https://whatsapp.com/channel/0029Vb7gTYlLtOj4hdQofo0E














