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झरिया में जमीन की बढ़ती दरार से दहशत, कामिनी कल्याण बस्ती के कई परिवार घरों से बाहर निकले

JP Bharat Shareझरिया, धनबाद। झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग के किनारे पुराने आरएसपी कॉलेज के पास स्थित कामिनी कल्याण बस्ती में जमीन पर आई दरार का दायरा लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि महज 48 घंटे के भीतर दरार काफी बढ़ गई, जिसके बाद कई रैयत सुरक्षा के…

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झरिया, धनबाद। झरिया-धनबाद मुख्य मार्ग के किनारे पुराने आरएसपी कॉलेज के पास स्थित कामिनी कल्याण बस्ती में जमीन पर आई दरार का दायरा लगातार बढ़ने से स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। बताया जा रहा है कि महज 48 घंटे के भीतर दरार काफी बढ़ गई, जिसके बाद कई रैयत सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों से बाहर निकल गए।

जमीन में तेजी से हो रहे बदलाव को लेकर प्रभावित परिवारों में चिंता बढ़ गई है। वहीं, घटना के बाद रैयतों में बीसीसीएल प्रबंधन और जिला प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि स्थिति को लेकर जल्द ठोस कदम उठाने की जरूरत है, ताकि किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।

मामले की जानकारी मिलने के बाद देर रात बस्ताकोला क्षेत्र के महाप्रबंधक (जीएम), सीआईएसएफ और स्थानीय थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों ने प्रभावित रैयतों से बातचीत की और जमीन की स्थिति का जायजा लिया।

इस दौरान बीसीसीएल, जेरेडा और जेएमपी से जुड़े प्रावधानों के तहत प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सुरक्षित स्थान पर व्यवस्था को लेकर अधिकारियों और रैयतों के बीच घंटों त्रिपक्षीय वार्ता हुई। अधिकारियों की ओर से प्रभावित परिवारों के बेहतर पुनर्वास का भरोसा दिए जाने की बात सामने आई है।

बताया जा रहा है कि मामला बस्ताकोला क्षेत्र के एरिया-9 से जुड़ा है। जमीन में लगातार बढ़ रही दरार ने एक बार फिर कोयलांचल के भू-धंसान प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल स्थानीय लोगों की नजर प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर है। प्रभावित परिवारों में सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है और लोग जल्द स्थायी समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।


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