रांची: झारखंड के मौसम को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। मौसम विभाग के अनुसार राज्य में फिलहाल मानसून की गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर बनी हुई हैं, लेकिन 28 जून से मानसून के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। इसके बाद राज्य के अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होने का अनुमान जताया गया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले चार दिनों तक मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, हालांकि कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, 28 जून से बंगाल की खाड़ी से पर्याप्त नमी मिलने के कारण मानसून की गतिविधियों में तेजी आएगी। इसका असर राजधानी रांची समेत धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, देवघर, गिरिडीह, गुमला, सिमडेगा और अन्य जिलों में देखने को मिलेगा। कई स्थानों पर झमाझम बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। गुमला जिले के भरनो में सबसे अधिक 82 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा सिसई में 76.2 मिमी, देवघर में 48.3 मिमी, सिमडेगा में 35 मिमी, बोकारो में 15.5 मिमी, गिरिडीह में 13.4 मिमी तथा लातेहार में 12.5 मिमी वर्षा हुई। मंगलवार को खूंटी में 32.5 मिमी, सिमडेगा में 14 मिमी, देवघर में 3.5 मिमी और जमशेदपुर में 5 मिमी बारिश दर्ज की गई।
बारिश के बावजूद राज्य के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी लोगों को परेशान कर रही है। मंगलवार को रांची का अधिकतम तापमान 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पिछले 24 घंटों में 6.3 डिग्री बढ़ा है। वहीं न्यूनतम तापमान 22.4 डिग्री सेल्सियस रहा। पलामू राज्य का सबसे गर्म जिला बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 28.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने बताया कि अगले चार दिनों तक आंशिक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इस दौरान धूप निकलने के कारण उमस और गर्मी का असर भी बढ़ सकता है। हालांकि 28 जून के बाद मानसून के सक्रिय होने से तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से वज्रपात और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की अपील की गई है। किसानों को भी मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि खेती-किसानी से जुड़े कार्यों की बेहतर योजना बनाई जा सके।
राज्य में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही कृषि गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में होने वाली अच्छी बारिश किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी और खरीफ फसलों की बुआई को भी मजबूती मिलेगी।
















