रांची: झारखंड में फिलहाल मानसून की रफ्तार कमजोर बनी हुई है, लेकिन आने वाले दिनों में एक बार फिर मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला नया सिस्टम झारखंड में बारिश की गतिविधियों को बढ़ा सकता है।
फिलहाल बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटे में सिस्टम के स्पष्ट होने के बाद झारखंड के मौसम में संभावित बदलाव की तस्वीर साफ हो सकती है।
अगले सात दिनों तक मानसून रह सकता है कमजोर
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी रांची समेत झारखंड में अगले करीब सात दिनों तक मानसून अपेक्षाकृत सुस्त रह सकता है। इस दौरान कई इलाकों में हल्के से मध्यम बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
हालांकि, बंगाल की खाड़ी में बनने वाला सिस्टम मजबूत हुआ तो राज्य में बारिश की गतिविधियां दोबारा तेज हो सकती हैं।
इन जिलों में बारिश के आसार
ओडिशा के उत्तरी हिस्से में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन का प्रभाव भी झारखंड के कुछ इलाकों पर बना हुआ है। इसके प्रभाव से रांची, कोल्हान, सिमडेगा और खूंटी में बारिश होने की संभावना जताई गई है।
वहीं, राज्य के उत्तरी हिस्से में संताल परगना, पलामू प्रमंडल और उत्तरी छोटानागपुर के कई जिलों में फिलहाल बारिश अपेक्षाकृत कम रहने का अनुमान है।
राजमहल में सबसे ज्यादा बारिश
पिछले दिनों राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान राजमहल में 50.4 मिमी बारिश हुई, जबकि पलामू में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। चाईबासा, रामगढ़ समेत कुछ अन्य जिलों में भी हल्की बारिश हुई।
कमजोर मानसून के कारण राज्य में बारिश की कमी भी बढ़ी है।
22 अगस्त तक 13 फीसदी कम बारिश
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 22 अगस्त 2026 तक झारखंड में 638.7 मिमी बारिश हुई है, जो सामान्य से करीब 13 फीसदी कम है।
हालांकि राजधानी रांची की स्थिति राज्य के औसत से अलग है। इसी अवधि में रांची में 771.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से करीब 3 फीसदी अधिक है।
अब सभी की नजर बंगाल की खाड़ी में बनने वाले संभावित निम्न दबाव क्षेत्र पर है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो झारखंड में मानसून की गतिविधियां फिर तेज हो सकती हैं और आने वाले दिनों में कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।
















