रांची। बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसम सिस्टम के कारण झारखंड समेत पूर्वी भारत के कई राज्यों में एक बार फिर बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर बंगाल की खाड़ी में पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट के आसपास अगले 24 घंटे में निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। इसके प्रभाव से झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
🌧️ झारखंड में 23 और 24 अगस्त को बारिश का जोर
झारखंड में 23 और 24 अगस्त को कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है। रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर, चतरा, पलामू, दुमका, गुमला, देवघर, गोड्डा, हजारीबाग, सरायकेला, पश्चिमी सिंहभूम और रामगढ़ में भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
⛈️ ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश
मौसम सिस्टम का प्रभाव ओडिशा और छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है। दोनों राज्यों के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।
🌧️ पश्चिम बंगाल में भी बारिश का असर
पश्चिम बंगाल में 23 और 24 अगस्त को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। कोलकाता, हावड़ा, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, दार्जिलिंग, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुड़ा, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और दुर्गापुर समेत कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है।
ओडिशा में 23 से 28 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। वहीं छत्तीसगढ़ में भी कई दिनों तक बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है।
⚠️ वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर सतर्कता
बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
















