रांची: 14वीं संयुक्त सिविल सेवा (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर JLKM सुप्रीमो एवं डुमरी विधायक जयराम महतो ने मंगलवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मामले की CBI जांच कराने तथा प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को फिलहाल स्थगित करने की मांग की।
जयराम महतो ने कहा कि आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना परीक्षा परिणाम जारी किए जाने के आरोपों ने पूरी चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजन का जिम्मा ऐसी कंपनी को सौंपा गया, जिस पर पहले भी विवाद रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर पहले भी समय-समय पर अनियमितताओं के आरोप लगते रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित हुआ है। उनका कहना था कि युवाओं के हितों की रक्षा के लिए सरकार को पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
जयराम महतो ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात के बाद जयराम महतो ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को गंभीरता से सुना और छात्र हित में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
















