धनबाद: मारवाड़ी महिला समिति, सरायढेला शाखा की ओर से मंगलवार को यूनियन क्लब, धनबाद में पारंपरिक उत्साह और उल्लास के साथ सावन मेला आयोजित किया गया। मेले में महिलाओं द्वारा लगाए गए 25 आकर्षक स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर खरीदारी की और महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रीति गोयल, मंजू बगड़िया एवं साधना देवालिया उपस्थित रहीं। समिति की ओर से सभी अतिथियों का तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया गया।
मेले में महिलाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों पर रंग-बिरंगी राखियां, आकर्षक परिधान, भगवान के वस्त्र, तोरण द्वार, ड्राई फ्रूट्स, खिलौने, चप्पल, हैंडमेड उत्पाद, फ्लावर पॉट, घड़ियां, गृह सज्जा की सामग्री तथा विभिन्न प्रकार की सजावटी और पारंपरिक वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध थीं। सावन और रक्षाबंधन के मद्देनज़र विशेष रूप से राखियों और हस्तनिर्मित उत्पादों की अच्छी मांग देखने को मिली।
समिति की अध्यक्ष रेखा अग्रवाल ने बताया कि इस मेले का मुख्य उद्देश्य घर से छोटे स्तर पर व्यवसाय करने वाली महिलाओं को अपनी प्रतिभा और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करते हैं और उनके आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
समिति की पूर्व अध्यक्ष नीलिमा अग्रवाल ने बताया कि सावन मेले का आयोजन पिछले 15 वर्षों से लगातार किया जा रहा है। हर वर्ष लोगों का भरपूर सहयोग और उत्साह मिलता है, जिससे महिला उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रचार-प्रसार और बिक्री का बेहतर अवसर प्राप्त होता है।
कार्यक्रम में समिति की सचिव श्वेता छापोलिका, कोषाध्यक्ष चेरी गोयल, नीलिमा अग्रवाल, मितू तुलस्यान, ज्योति अग्रवाल, रंजू गोयल, पूनम छापोलिका, संगीता अग्रवाल, रिंकी अग्रवाल, खुशबू अग्रवाल, छाया अग्रवाल, जूली अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, नीलम गोयल, रंजना जिंदल, कविता अग्रवाल, उर्मिला, ललिता, मीनू, संध्या, आशा, बिना भारतीय, अनीता अग्रवाल, पूनम जगनानी, शशि अग्रवाल, रेखा गोयल सहित समिति की अनेक सदस्याएं एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
सावन मेले में पारंपरिक संस्कृति, हस्तशिल्प और महिला उद्यमिता का सुंदर संगम देखने को मिला। आयोजन ने न केवल स्थानीय महिलाओं को अपने उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर दिया, बल्कि लोगों को भी स्थानीय और हस्तनिर्मित वस्तुओं की खरीदारी का बेहतर मंच उपलब्ध कराया।
















