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जर्मनी में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के रिसर्च फेलो ने पेश की ग्लूकोमा डिटेक्शन पर रिसर्च

JP Bharat Shareधनबाद, 11 अगस्त। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर रिसर्च फेलो साजल कुमार प्रमाणिक ने जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में ग्लूकोमा की पहचान से जुड़ी अपनी रिसर्च प्रस्तुत कर संस्थान का नाम रोशन किया। साजल कुमार प्रमाणिक ने जर्मनी के स्टुटगार्ट स्थित स्टुटगार्ट मीडिया यूनिवर्सिटी (हॉखशुले डेर…

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धनबाद, 11 अगस्त। आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के सीनियर रिसर्च फेलो साजल कुमार प्रमाणिक ने जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में ग्लूकोमा की पहचान से जुड़ी अपनी रिसर्च प्रस्तुत कर संस्थान का नाम रोशन किया।

साजल कुमार प्रमाणिक ने जर्मनी के स्टुटगार्ट स्थित स्टुटगार्ट मीडिया यूनिवर्सिटी (हॉखशुले डेर मेडियन) में आयोजित 4th International Conference on Computer Graphics and Image Processing (CGIP 2026) में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने “Evaluating Multimodal Fusion on Saturated Glaucoma Benchmarks” शीर्षक से अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया।

उनकी रिसर्च मुख्य रूप से ग्लूकोमा की पहचान के लिए मल्टीमॉडल फ्यूजन तकनीक के मूल्यांकन पर आधारित है। यह अध्ययन कंप्यूटर विजन और मेडिकल इमेज एनालिसिस के क्षेत्र से जुड़ा है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक कंप्यूटर तकनीकों की मदद से विभिन्न बीमारियों की पहचान और विश्लेषण की दिशा में लगातार शोध किया जा रहा है।

मल्टीमॉडल फ्यूजन तकनीकों का किया मूल्यांकन

रिसर्च के तहत ग्लूकोमा से संबंधित विभिन्न बेंचमार्क पर अलग-अलग मल्टीमॉडल फ्यूजन तकनीकों की क्षमता का मूल्यांकन किया गया। मेडिकल इमेज एनालिसिस में एआई और कंप्यूटर विजन के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए इस तरह के शोध को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कॉन्फ्रेंस के दौरान साजल कुमार प्रमाणिक को कंप्यूटर विजन, इमेज प्रोसेसिंग और मेडिकल इमेज एनालिसिस जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे विभिन्न देशों के शोधकर्ताओं के साथ चर्चा करने का अवसर भी मिला। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रहे शोध और नई तकनीकों को समझने के साथ अपने शोध कार्य को लेकर विशेषज्ञों के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया।

पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च प्रस्तुत करने का अनुभव

अपने अनुभव को साझा करते हुए साजल कुमार प्रमाणिक ने कहा कि भारत के बाहर किसी अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में पहली बार अपनी रिसर्च प्रस्तुत करना उनके शोध सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव है। अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले शोधकर्ताओं के साथ बातचीत करने और कंप्यूटर विजन व इमेज प्रोसेसिंग के क्षेत्र में हो रहे नए विकास को समझने का अवसर उनके लिए काफी उपयोगी रहा।

उन्होंने अपने शोध कार्य के दौरान मार्गदर्शन और सहयोग के लिए अपने रिसर्च गाइड डॉ. सुमेन बाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

वैश्विक अकादमिक मंच पर IIT (ISM) की भागीदारी

CGIP 2026 में साजल कुमार प्रमाणिक की भागीदारी से उन्हें अंतरराष्ट्रीय रिसर्च कम्युनिटी के साथ जुड़ने और विभिन्न अकादमिक संस्थानों से जुड़े शोधकर्ताओं के साथ अपने कार्य पर चर्चा करने का अवसर मिला।

कॉन्फ्रेंस के दौरान कंप्यूटर ग्राफिक्स, इमेज प्रोसेसिंग और कंप्यूटर विजन के क्षेत्र में हो रहे नए तकनीकी विकास पर भी विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के रिसर्च फेलो की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंच पर यह भागीदारी संस्थान में रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल अकादमिक एक्सपोजर को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है। ग्लूकोमा डिटेक्शन जैसे मेडिकल क्षेत्र से जुड़े शोध में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कंप्यूटर विजन के इस्तेमाल से भविष्य में बीमारी की पहचान और मेडिकल इमेज के विश्लेषण को और बेहतर बनाने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं।


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