धनबाद: सीसीडब्ल्यूओ कम्युनिटी हॉल में आयोजित बहुभाषी सांस्कृतिक महोत्सव ‘काला हीरा’ (ऑल इंडिया मल्टीलिंगुअल ड्रामा, डांस, ड्रॉइंग एंड म्यूजिक) के तीसरे दिन सोमवार को देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने नाट्य मंचन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। सामाजिक संदेशों से भरपूर नाटकों और मनमोहक गीत-संगीत व नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे सभागार को तालियों की गूंज से भर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत जमशेदपुर की संस्था कला क्रिएशन द्वारा प्रस्तुत नाटक “मैं नर्क से बोल रहा हूं” से हुई। महान व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की रचना पर आधारित इस नाटक का निर्देशन और मुख्य अभिनय मसरूर सिद्दीकी ने किया। नाटक में सामाजिक असमानता, प्रशासनिक लालफीताशाही, भ्रष्ट व्यवस्था और राजनीतिक ढोंग पर तीखा व्यंग्य किया गया। मंचन के माध्यम से यह दिखाया गया कि किस तरह गरीबी, भूख और व्यवस्था की संवेदनहीनता आम इंसान के जीवन को प्रभावित करती है।
नाटक का मुख्य पात्र अपनी मृत्यु के बाद नर्क से समाज और व्यवस्था पर सवाल उठाता है। कहानी यह संदेश देती है कि जीवित व्यक्ति की उपेक्षा करने वाला समाज मृत्यु के बाद दिखावटी सम्मान देता है, जबकि व्यवस्था अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए झूठ और कागजी प्रक्रियाओं का सहारा लेती है। कलाकारों के प्रभावशाली अभिनय ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया।
दूसरी प्रस्तुति गिरिडीह की सांस्कृतिक संस्था आईना द्वारा महेश अमन के निर्देशन में मंचित नाटक “तुमने मुझे खूबसूरत क्यों कहा” रही। यशपाल की कहानी पर आधारित इस नाटक का नाट्य रूपांतरण अख्तर अली ने किया है। नाटक मानव मनोविज्ञान और सकारात्मक सोच की शक्ति को दर्शाता है। इसमें दिखाया गया कि कैसे एक चिकित्सक अपने संवाद और संवेदनशील व्यवहार से जीवन से निराश एक युवती के भीतर फिर से जीने की इच्छा जगा देता है।
नाटक में तरुण राज सिंह, प्रगति वर्मा, ऋषभ नंदन, शानवी सिंह, अंशु और आदित्य अमन सहित सभी कलाकारों ने प्रभावशाली अभिनय किया। प्रकाश, संगीत और मंच सज्जा ने प्रस्तुति को और भी आकर्षक बना दिया।
आयोजकों ने बताया कि महोत्सव के अंतिम दिन मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, गुजरात और झारखंड की विभिन्न नाट्य एवं सांस्कृतिक टीमें अपनी प्रस्तुतियां देंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में काला हीरा के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद, पूनम प्रसाद, वैभव प्रसाद, मिताली मुखर्जी, सरसी चंद्रा, वशिष्ठ प्रसाद सिन्हा, सचिव हेमंत कुमार मंडल, कोषाध्यक्ष नरेश राय, यू.सी. मिश्रा, महेंद्र गिरी, शिवानी पंडित, साक्षी, संजय भारद्वाज और संतोष रजक सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
















