रांची: झारखंड में मानसून की चाल अब भी सुस्त बनी हुई है। राज्यभर में किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान ने फिलहाल बहुत अधिक राहत के संकेत नहीं दिए हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 12 जून से 25 जून के बीच राज्य में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां जारी रहेंगी, हालांकि कुल वर्षा सामान्य से कम रहने की संभावना है।
62 प्रतिशत कम हुई बारिश
मानसून के शुरुआती दौर में झारखंड में वर्षा की स्थिति निराशाजनक रही है। 1 जून से 11 जून के बीच राज्य में सामान्य से 62 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में जहां औसतन 34.4 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहीं केवल 13.2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राज्य के 12 जिलों में भारी वर्षा कमी दर्ज की गई है, जबकि तीन जिलों में अब तक बारिश का खाता भी नहीं खुल पाया है।
अगले दो सप्ताह बारिश के आसार, लेकिन राहत सीमित
मौसम विभाग के अनुसार 12 से 18 जून के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश, वज्रपात और तेज हवाओं की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश की छिटपुट घटनाएं भी हो सकती हैं। इसके बावजूद कुल वर्षा सामान्य से कम रहने का अनुमान है।
वहीं 19 जून से 25 जून के बीच भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहने की संभावना है। दूसरे सप्ताह में भी सामान्य से कम बारिश होने के संकेत दिए गए हैं।
बढ़ेगी गर्मी और उमस
बारिश की कमी का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो सप्ताह तक अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर बना रह सकता है। 12 से 18 जून के बीच तापमान 31 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं 19 से 25 जून तक भी पारा 33 से 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
किसानों की नजर आसमान पर
रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा, पलामू, पश्चिमी सिंहभूम और संताल परगना के ग्रामीण इलाकों में किसान धान की खेती की तैयारी में जुटे हैं। लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं होने से बुआई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। किसान उम्मीद लगाए बैठे हैं कि आने वाले दिनों में मानसून सक्रिय होगा और खेतों को पर्याप्त पानी मिलेगा।
हालांकि मौसम विभाग ने बीच-बीच में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।
















