पूर्वी टुंडी (धनबाद): पूर्वी टुंडी प्रखंड अंतर्गत लटानी पंचायत सचिवालय में पंचायत विकास एवं जनकल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता लटानी पंचायत के मुखिया ऐनुल हक ने की। इस दौरान सर्वसम्मति से ज्ञान केन्द्र समिति का गठन किया गया तथा प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएम आवास) के क्रियान्वयन और लाभुकों के चयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में सभी वार्ड सदस्यों एवं पंचायत कर्मियों की उपस्थिति में पीएम आवास योजना के लाभुकों के भौतिक सत्यापन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने कहा कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और जरूरतमंद लाभुकों तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी और सूची में शामिल अयोग्य लाभुकों के नाम हटाए जाएंगे, ताकि पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिल सके।
बैठक के दौरान उस समय असंतोष का माहौल बन गया जब पंचायत की पीएम आवास लाभुक सूची प्रस्तुत की गई। जानकारी के अनुसार पूरी लटानी पंचायत में मात्र 177 लाभुकों का चयन किया गया है। इस पर वार्ड सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि पंचायत की जनसंख्या के अनुपात में यह संख्या बेहद कम है और इससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार योजना से वंचित रह जाएंगे।
वार्ड सदस्यों ने कहा कि इतनी बड़ी आबादी वाले पंचायत क्षेत्र में केवल 177 लाभुकों का चयन किया जाना “ऊंट के मुंह में जीरा” के समान है। कई गरीब और बेघर परिवार आज भी पक्के मकान की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन सीमित सूची के कारण उनका नाम शामिल नहीं हो सका है।
इस संबंध में पंचायत सचिव सुधीर कुमार टुडू ने बताया कि लाभुकों की सूची विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य (टारगेट) के अनुसार तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से एक पंचायत के लिए अधिकतम 180 लाभुकों के चयन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अनुरूप डाटा एंट्री और सूची तैयार की गई है।
बैठक के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि पीएम आवास योजना में लाभुकों का चयन तय लक्ष्य के बजाय पंचायत की जनसंख्या और वास्तविक जरूरत के आधार पर किया जाए। साथ ही आवास सूची का दायरा बढ़ाने की मांग भी की गई, ताकि क्षेत्र के सभी पात्र और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में पंचायत सहायक, सभी वार्ड सदस्य एवं अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने उम्मीद जताई कि सरकार पंचायतों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजनाओं का दायरा बढ़ाकर गरीब परिवारों को राहत प्रदान करेगी।
















