धनबाद: झारखंड के Dhanbad स्थित मुनिडीह कोल वाशरी में हुए दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खनन क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राउंड रिपोर्ट में सामने आया है कि यह हादसा महज दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही का परिणाम हो सकता है।
जानकारी के अनुसार वाशरी में कोयले को धोकर तैयार की जाने वाली स्लरी को सुरक्षित तरीके से समतल कर लोडिंग किया जाना चाहिए। लेकिन मौके पर नियमों की अनदेखी करते हुए स्लरी का एक विशाल ‘पहाड़’ बना दिया गया था।
कैसे हुआ हादसा?
हादसे के दिन मजदूर इसी स्लरी के ढेर के नीचे से लोडिंग कार्य कर रहे थे। अचानक स्लरी का बड़ा हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा, जिससे वहां मौजूद मजदूर उसकी चपेट में आ गए। इस दर्दनाक घटना में 4 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।
लापरवाही पर उठे सवाल
सूत्रों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता और स्लरी को समतल रखा जाता, तो यह हादसा टाला जा सकता था। इस घटना ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।
मुआवजा मिला, लेकिन सवाल बाकी
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों को मुआवजा जरूर दिया गया है, लेकिन अब भी सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कौन है? क्या केवल मुआवजा देकर मामले को खत्म कर दिया जाएगा, या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी?
लोगों में आक्रोश
घटना के बाद पूरे इलाके में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोग और मजदूर संगठन जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।














