NEET पेपर लीक में NTA की बड़ी चूक? हाईपावर कमेटी ने पहले ही दिया था अलर्ट
नईदिल्ली : NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अब नासिक प्रिंटिंग प्रेस एंगल सामने आने के बाद सवालों के घेरे में National Testing Agency यानी NTA की कार्यप्रणाली आ गई है। दावा किया जा रहा है कि प्रश्नपत्र छपाई के दौरान ही लीक हुए और बाद में उन्हें “गेस पेपर” और “सैंपल पेपर” के नाम पर लाखों रुपये में बेचा गया।
मामले को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है क्योंकि 2024 में परीक्षा गड़बड़ियों के बाद गठित हाईपावर कमेटी ने पहले ही NTA को पेपर प्रिंटिंग और ट्रांसपोर्ट सिस्टम में बड़े सुधार करने की सलाह दी थी।
बताया गया कि K. Radhakrishnan की अध्यक्षता वाली कमेटी ने अक्टूबर 2024 में सुझाव दिया था कि प्रश्नपत्रों को डिजिटल माध्यम से परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाए और परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले विशेष कोड के जरिए उन्हें खोला जाए। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर ही प्रिंट निकालकर छात्रों को प्रश्नपत्र दिए जाएं।
कमेटी ने यह भी सुझाव दिया था कि यदि डिजिटल मॉडल संभव नहीं हो तो NTA को अपना सुरक्षित प्रिंटिंग प्रेस स्थापित करना चाहिए, ताकि प्रश्नपत्रों की छपाई और परिवहन पूरी तरह नियंत्रण में रहे। हालांकि आरोप है कि इन सुझावों पर अमल नहीं किया गया।
कमेटी ने NEET परीक्षा को दो चरणों में आयोजित करने, ऑनलाइन या हाइब्रिड मोड अपनाने और सरकारी संस्थानों को ही परीक्षा केंद्र बनाने की भी सिफारिश की थी। साथ ही NTA के पुनर्गठन और निजी एजेंसियों पर निर्भरता कम करने की बात कही गई थी।
पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराज़गी है। कई जगहों पर निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
















