निरसा (धनबाद) : धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र स्थित तेतुलिया के जामिया उम्मे हानी लिल बनात में रविवार को अभिभावकों एवं संरक्षकों का एक गरिमामय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन की अध्यक्षता जामिया के मोहतमिम कारी मोहम्मद समीउल्लाह ने की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावकों, शिक्षकों, धार्मिक विद्वानों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भाग लेकर छात्राओं की बेहतर शिक्षा और संस्थान के विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सम्मेलन में छात्राओं की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित उपस्थिति, समय पर शुल्क जमा करने, अनुशासन बनाए रखने, नैतिक एवं धार्मिक शिक्षा को और मजबूत करने तथा अभिभावकों और जामिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अभिभावकों ने सभी प्रस्तावों का समर्थन करते हुए छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए हरसंभव सहयोग देने का संकल्प लिया।
बैठक के दौरान बिजली की अनियमित आपूर्ति से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए जामिया परिसर में सोलर सिस्टम स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। इस प्रस्ताव का सभी अभिभावकों और समाज के लोगों ने स्वागत किया। छात्राओं की निर्बाध शिक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मौके पर ही स्वेच्छा से ₹1,22,000 की सहयोग राशि एकत्र कर सोलर सिस्टम की स्थापना के लिए समर्पित की गई। उपस्थित लोगों ने भविष्य में भी संस्थान के विकास और छात्राओं की शिक्षा के लिए सहयोग जारी रखने का भरोसा दिया।
कार्यक्रम में मुफ्ती मोहम्मद इकराम, मौलाना मोहम्मद ज़ियाउद्दीन, मौलाना मोहम्मद मुहियुद्दीन, मौलाना मोहम्मद जमील, कारी इरफ़ान तथा कारी अताउल्लाह विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं शिक्षिकाओं में सारिया (अंग्रेज़ी), काइनात (विज्ञान), शबीना (हिंदी), नुसरत (उर्दू), मुस्कान (हाफ़िज़ा एवं शिक्षिका) तथा गणित शिक्षक रफ़ीक़ ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
सम्मेलन में सैकड़ों अभिभावकों एवं संरक्षकों ने छात्राओं की उत्कृष्ट शिक्षा, बेहतर संस्कार और संस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए हमेशा साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का समापन छात्राओं की शैक्षणिक सफलता, संस्थान की निरंतर प्रगति, अभिभावकों की खुशहाली तथा देश में अमन, भाईचारे और मानव कल्याण की दुआ के साथ हुआ।
जामिया प्रबंधन ने बताया कि संस्थान समय-समय पर ऐसे अभिभावक सम्मेलन आयोजित करता है, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता, अनुशासन और विकास से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक संवाद स्थापित हो सके। इस बार सोलर सिस्टम के लिए समाज की ओर से मिला सहयोग संस्थान के प्रति लोगों के विश्वास और शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक माना जा रहा है।
















