पुरी/ओडिशा: भगवान श्री जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ प्रारंभ हुई। पवित्र नगरी पुरी में चारों ओर “जय जगन्नाथ” के जयघोष गूंजते रहे। महाप्रभु श्री जगन्नाथ अपने बड़े भाई भगवान बलभद्र और बहन देवी सुभद्रा के साथ पारंपरिक रथों पर विराजमान होकर गुंडिचा मंदिर की ओर प्रस्थान किए। इस दिव्य आयोजन में देश-विदेश से पहुंचे लाखों श्रद्धालु आस्था के साक्षी बने।
भगवान जगन्नाथ नंदीघोष, भगवान बलभद्र तालध्वज और देवी सुभद्रा दर्पदलन रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले। रथों की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा गया। भजन-कीर्तन, शंखध्वनि और धार्मिक जयघोष से पूरा पुरी भक्तिमय माहौल में डूब गया।
रथ यात्रा के दौरान पुरी में लगातार मूसलाधार बारिश होती रही, लेकिन खराब मौसम भी श्रद्धालुओं की आस्था को डिगा नहीं सका। बारिश के बीच भी लाखों भक्त भगवान के दर्शन और रथ खींचने के लिए सड़कों पर डटे रहे। श्रद्धालुओं का उत्साह और भक्ति पूरे आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। रथ मार्ग पर पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियों और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
भगवान जगन्नाथ की यह ऐतिहासिक रथ यात्रा भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक मानी जाती है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर पर पुरी पहुंचकर महाप्रभु के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होकर स्वयं को धन्य महसूस करते हैं।
















