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पुस्तकालय से समाज तक : एक पहल” कार्यक्रम का शुभारंभ, उपायुक्त ने छात्रों को किताबों से जुड़ने का दिया संदेश

JP Bharat Shareधनबाद: राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय, धनबाद द्वारा आयोजित “पुस्तकालय से समाज तक : एक पहल” कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार को सिम्फर ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन धनबाद के उपायुक्त सह जिला…

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धनबाद: राष्ट्रीय पुस्तकालय मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, झारखंड सरकार के संयुक्त तत्वावधान में मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय, धनबाद द्वारा आयोजित “पुस्तकालय से समाज तक : एक पहल” कार्यक्रम का उद्घाटन शुक्रवार को सिम्फर ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन धनबाद के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आदित्य रंजन ने दीप प्रज्वलित कर किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि आज की नई पीढ़ी का ध्यान भटकाने के लिए अनेक साधन मौजूद हैं, लेकिन अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और एकाग्रता विकसित करने के लिए पुस्तकों से जुड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पुस्तकालय ज्ञान का भंडार है और अच्छी पुस्तकों के माध्यम से छात्र अपने सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं तथा अपने व्यक्तित्व का विकास कर सकते हैं।

उन्होंने बताया कि धनबाद में छात्रों और युवाओं के लिए 10 मॉडर्न स्मार्ट लाइब्रेरी का निर्माण किया जा रहा है। साथ ही एक डिजिटल लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही है, जहां इंटरनेट सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा।

छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जीवन में असफलताओं से घबराना नहीं चाहिए। लगातार प्रयास और संघर्ष ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने छात्रों को प्रतिदिन अपनी प्रगति का मूल्यांकन करने और लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने की सलाह दी।

इस अवसर पर प्रोफेसर ए.के. मिश्रा ने कहा कि पुस्तकालय का महत्व पहले भी था और आज भी उतना ही प्रासंगिक है। पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं और सही मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। उन्होंने छात्रों से सोशल मीडिया के भ्रामक प्रभाव से बचते हुए पुस्तकों से जुड़ने का आह्वान किया।

कार्यक्रम को शर्मिला रानी तथा डॉ धनंजय कुमार ने भी संबोधित किया।

जिला शिक्षा पदाधिकारी अभिषेक झा ने बताया कि मास्टर सोबरन मांझी राज्य पुस्तकालय में एक साथ 300 लोगों के बैठकर अध्ययन करने की व्यवस्था है। पुस्तकालय में 57,000 से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं तथा यह वाई-फाई, सीसीटीवी और अन्य आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। भविष्य में इसे और विकसित करने की योजना है।

कार्यक्रम के समापन पर उपायुक्त आदित्य रंजन एवं सिम्फर के निदेशक प्रो. ए.के. मिश्रा ने छात्र-छात्राओं को पुस्तकालयों से जोड़ने के उद्देश्य से “चलो चले पुस्तकालय” जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर जिला शिक्षा अधीक्षक आयुष कुमार, शंभू नाथ मिश्रा, घनश्याम दुबे, डॉ मीतू सिन्हा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।


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