धनबाद, 5 सितंबर: भारत के द्वितीय राष्ट्रपति एवं महान शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनसार, धनबाद में शिक्षक दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने नाटक, कविता, गीत सहित कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त किया।
समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्राचार्य सुमन्त कुमार मिश्र ने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान देने के साथ-साथ उनके चरित्र निर्माण का भी संकल्प लें। उन्होंने कहा कि पहले शिक्षा गुरु-केंद्रित हुआ करती थी, जबकि वर्तमान समय में यह बाल-केंद्रित हो गई है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें निखारना और सही दिशा देना शिक्षक का महत्वपूर्ण दायित्व है। शिक्षक समाज के आदर्श होते हैं और समाज में उनका विशेष सम्मान है। ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और जिम्मेदारी दोनों महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
प्राचार्य ने इस अवसर पर सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में कक्षा तीसरी से 12वीं तक के करीब 2000 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मंच संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष राकेश कुमार मिश्र ने किया। वहीं धन्यवाद ज्ञापन उपप्राचार्य मनोज कुमार एवं उपप्राचार्या लीला सिंह ने किया।
















