रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर झारखंड तंजीम के एक प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने SIR की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने की मांग रखी।
झारखंड तंजीम ने ज्ञापन में बिहार और पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर सामने आई चिंताओं का उल्लेख किया। संगठन ने कहा कि झारखंड में पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र मतदाता का नाम प्रभावित नहीं होना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल ने मतदाताओं की पहचान, दस्तावेजों के सत्यापन और नामों से संबंधित कार्रवाई की प्रक्रिया को स्पष्ट रखने का आग्रह किया। साथ ही संगठन ने मांग की कि विदेशी नागरिकों की पहचान की प्रक्रिया के दौरान भारतीय नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
झारखंड में SIR की प्रक्रिया फिलहाल दावे और आपत्तियों के चरण में है। निर्वाचन आयोग ने इस चरण की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तक बढ़ाई है।
आयोग के अनुसार SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और यह सुनिश्चित करना है कि पात्र नागरिकों का नाम सूची में बना रहे तथा अपात्र नामों की पहचान की जा सके।
















