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ranchi झारखंड में अवैध भवनों को वैध करने की प्रक्रिया शुरू, चैंबर ऑफ कॉमर्स ने उठाए सवाल

JP Bharat Shareरांची : Government of Jharkhand ने राज्य में लंबे समय से बिना नक्शा और अवैध रूप से बने भवनों को नियमित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने “झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026” को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत निर्धारित शुल्क जमा कर अधिकतम 300 वर्ग…

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रांची : Government of Jharkhand ने राज्य में लंबे समय से बिना नक्शा और अवैध रूप से बने भवनों को नियमित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने “झारखंड रेगुलराइजेशन ऑफ अनऑथराइज्ड कंस्ट्रक्टेड बिल्डिंग रूल्स 2026” को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत निर्धारित शुल्क जमा कर अधिकतम 300 वर्ग मीटर तक के भूखंड पर बने भवनों को वैध किया जा सकेगा।

नई नियमावली लागू होने के बाद विभागीय स्तर पर तैयारी शुरू कर दी गई है। हालांकि आवेदन प्रक्रिया के लिए तय 60 दिनों की समयसीमा वाला BPAMS पोर्टल अभी शुरू नहीं हुआ है। सरकार के अनुसार आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से Building Plan Approval Management System (BPAMS) पोर्टल के जरिए ही स्वीकार किए जाएंगे।

नियमों के तहत कुछ शर्तों के साथ अवैध निर्माण को नियमित किया जाएगा, लेकिन सरकारी भूमि, सार्वजनिक उपक्रमों की संपत्ति, जलग्रहण क्षेत्र, पार्किंग क्षेत्र, वक्फ बोर्ड की जमीन और विवादित भूमि पर बने निर्माण इस दायरे में शामिल नहीं होंगे। इसके अलावा CNT/SPT एक्ट के उल्लंघन वाले मामलों को भी नियमितीकरण से बाहर रखा गया है।

सरकार के इस फैसले पर Jharkhand Chamber of Commerce ने आपत्ति जताई है। चैंबर का कहना है कि नियमों में और अधिक राहत दी जानी चाहिए थी।

Aditya Malhotra ने कहा कि भवन की अधिकतम ऊंचाई 10 मीटर के बजाय 15 मीटर तक होनी चाहिए थी, वहीं 300 वर्ग मीटर की सीमा को बढ़ाकर 500 वर्ग मीटर किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार यदि यह योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है तो राज्य के लगभग 7 लाख भवनों को इसका लाभ मिल सकता है और सरकार को भारी राजस्व प्राप्त होगा।

राज्य सरकार का मानना है कि इस नियमावली से शहरी विकास प्रक्रिया को व्यवस्थित करने और अवैध निर्माण से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिलेगी।


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