रंजीतपुर-आसान सड़क क्यों बनी बड़ी समस्या
टुंडी और सिंदरी विधानसभा क्षेत्र के बीच स्थित रंजीतपुर-आसान सड़क कई वर्षों से जर्जर हालत में है। सड़क पर बड़े-बड़े पत्थर और गड्ढे लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के समय सड़क निर्माण का वादा तो किया जाता है, लेकिन चुनाव खत्म होते ही नेता और अधिकारी इस सड़क को भूल जाते हैं।
यह सड़क टुंडी क्षेत्र के लोगों को गोविंदपुर, निरसा और धनबाद से जोड़ती है। लेकिन सड़क खराब होने के कारण लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
छात्रों और ग्रामीणों की बढ़ी परेशानी
रंजीतपुर-आसान सड़क का सबसे ज्यादा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। छात्र-छात्राएं रोज साइकिल से स्कूल जाते हैं, लेकिन सड़क पर फैले नुकीले पत्थरों और कीचड़ के कारण कई बच्चे गिरकर घायल हो जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में यह सड़क पूरी तरह कीचड़ में बदल जाती है। ऐसे में बच्चे स्कूल जाने से डरते हैं और कई बार पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
बरसात में सड़क बन जाती है जानलेवा
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के मौसम में रंजीतपुर-आसान सड़क किसी खतरनाक रास्ते से कम नहीं लगती। सड़क पर पानी भर जाने और गड्ढों के कारण बाइक और साइकिल चालकों को भारी दिक्कत होती है।
कई बार मरीजों को अस्पताल ले जाने में भी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई आपात स्थिति आ जाए तो समय पर अस्पताल पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
रोजगार और व्यापार पर पड़ा असर
टुंडी क्षेत्र के कई युवा रोजगार के लिए रोज गोविंदपुर, निरसा और धनबाद जाते हैं। लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें घंटों सफर करना पड़ता है। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी हो रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर रंजीतपुर से आसान तक सड़क बन जाए तो राष्ट्रीय राजमार्ग NH-419 तक पहुंचना आसान हो जाएगा और व्यापार के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी
सड़क की लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीण अब आंदोलन की तैयारी में हैं। लोगों का कहना है कि यदि जल्द सड़क निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द सड़क निर्माण कराने की मांग की है ताकि लोगों को राहत मिल सके।
टुंडी और सिंदरी विधायक पर उठे सवाल
दो विधानसभाओं के बीच फंसी रंजीतपुर-आसान सड़क अब राजनीतिक मुद्दा बनती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि टुंडी और सिंदरी दोनों क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि इस सड़क को लेकर गंभीर नहीं हैं।
अब सवाल यह है कि विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले नेता आखिर इस सड़क की बदहाली पर कब ध्यान देंगे और ग्रामीणों को इस समस्या से कब राहत मिलेगी।
निष्कर्ष
रंजीतपुर-आसान सड़क केवल एक सड़क नहीं बल्कि हजारों ग्रामीणों की जीवनरेखा है। सड़क खराब होने से शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और व्यापार सभी प्रभावित हो रहे हैं। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि जल्द इस गंभीर समस्या का समाधान करेंगे।
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