धनबाद |
समाज में विवाह के नाम पर बढ़ते खर्च, दहेज प्रथा और दिखावे की प्रवृत्ति को रोकने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सूड़ी समाज विवाह मंच ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मंच की ओर से नई नियमावली जारी कर स्पष्ट किया गया है कि विवाह संबंधी फैसलों को सरल, पारदर्शी और आदर्श बनाने के लिए तय किए गए नियमों का पालन करने वाले परिवारों को ही मंच के माध्यम से वर-वधू तलाशने की अनुमति दी जाएगी।
राष्ट्रीय सूड़ी समाज के संयोजक रणवीर मंडल ने बताया कि समाज को आर्थिक बोझ और सामाजिक कुप्रथाओं से मुक्त करने के लिए कई आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। उन्होंने कहा कि विवाह समारोहों में अनावश्यक खर्च और दिखावे की प्रवृत्ति ने कई परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ा दिया है, जिसे समाप्त करना समय की आवश्यकता है।
नई पहल के तहत मंच ने दहेज प्रथा के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। मंच के माध्यम से तय होने वाले सभी विवाह बिना किसी प्रकार के लेन-देन के संपन्न कराए जाएंगे। इसके साथ ही विवाह समारोहों को सादगीपूर्ण और कम खर्चीला बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।
मंच की ओर से कहा गया है कि शादी समारोह में फिजूलखर्ची, दिखावा और अनावश्यक खर्च को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा। समाज के लोगों से अपील की गई है कि वे विवाह को सामाजिक संस्कार के रूप में देखें, न कि प्रतिष्ठा प्रदर्शन के माध्यम के रूप में।
समाज के कई लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दहेज प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगेगा और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी सम्मानजनक तरीके से विवाह संपन्न कराने में सहायता मिलेगी।
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